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भारत का ऐसा शहर जहां नहीं होता रूपए में व्यापार

सबसे बड़ा रूपैया... यह कहावत देश भर में सब जगह फिट होती है पर भारत का एक शहर ऐसा है जहां व्यापार करना हो तो रुपया नहीं बल्कि विदेशी करंसी की दरकार होती है। गुजरात के अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच स्थित गिफ्ट सिटी पूरे भारत में एक मात्र ऐसी जगह है जहां कोई भी केवल विदेशी मुद्रा में ही व्यापारिक लेनदेन कर सकता है।
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नई दिल्ली

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Abhishek Singhal

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Updated: 15 Jan 2026, 1:25 PM IST

15 तरह की विदेशी मुद्रा में कर सकते हैं लेन देन

अभिषेक सिंघल

नई दिल्ली। सबसे बड़ा रूपैया... यह कहावत देश भर में सब जगह फिट होती है पर भारत का एक शहर ऐसा है जहां व्यापार करना हो तो रुपया नहीं बल्कि विदेशी करंसी की दरकार होती है। गुजरात के अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच स्थित गिफ्ट सिटी पूरे भारत में एक मात्र ऐसी जगह है जहां कोई भी केवल विदेशी मुद्रा में ही व्यापारिक लेनदेन कर सकता है। इसके चलते विदेशी मुद्रा में होने वाले कई कारोबार वहां से होने लगे हैं। यहां कोई भारतीय रूपए में व्यापारिक लेन-देन नहीं कर सकता। यहां का इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विस सेंटर एक ऐसा बिजनेस डिस्ट्रिक्ट बन रहा है जो सिंगापुर और दुबई जैसे ट्रेड सेंटर्स का मुकाबला कर रहा है। 38 बैंकों सहित 1034 इकाइयों वाले इस शहर में 100.14 बिलियन डॉलर से ज्यादा की बैंकिंग संपदा हैं।

बैंकिग, बीमा, पेंशन का एक नियामक

केन्द्र ने विशेष कानून के जरिए इन्टरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथारिटी का गठन किया है। जिसके तहत बैंकिंग, शेयर, बीमा, पेंशन सहित कई क्षेत्रों के लिए इसे गिफ्ट सिटी के इस स्पेशल जोन में नियामक बनाया गया है। अब इस जोन में कार्यरत इकाइयों पर आईएफएससीए के रेगुलेशन लागू होते हैं। ग्लोबल फाइनेंशियल सेंटर्स के इंडेक्स(जीएफसीआई) में गिफ्ट सिटी का 46 वां स्थान है।

हवाई और पानी के जहाज तक का हो रहा कारोबार

गिफ्ट सिटी में बुलियन, बैंकिंग,कैपिटल मार्केट, बीमा, फंड मैनेजमेंट के साथ ही हवाई जहाज और पानी के जहाज का भी कारोबार हो रहा है। यहां से 37 एयरक्राफ्ट लीजर्स पंजीकृत हैं और 303 हवाई संपदाओं की लीजिंग हो चुकी है। पानी के जहाजों के 34 लीजिंग कंपनियां रजिस्टर्ड हैं और 28 पानी के जहाजों की लीजिंग हुई है। इसके साथ ही यहां 18 विदेशी बैंक भी कार्यरत है। कई भारतीय कारपोरेट अब विदेशों की बजाय गिफ्ट सिटी से उधार ले रहे हैं। कुल पूंजी निर्माण की दृष्टि से गिफ्ट सिटी अबुधाबी से आगे निकल गया है और अब दुबई, सिंगापुर और हांगकांग से मुकाबला हो रहा है। गौरतलब है कि गिफ्ट सिटी में कार्यरत बैंकों ने 58 बिलियन डॉलर से ज्यादा का कारोबार किया है।

इन मुद्राओं में हो सकता है कारोबार

अमरीकन डॉलर, यूरो, जापानीज येन, पौंड स्टर्लिंग, कनाडियन डॉलर, ऑस्ट्रेलियन डॉलर, स्विस फ्रैंक, हांग-कांग डॉलर, सिंगापुर डॉलर, यूएई दिरहम, रशियन रूबल, स्वीडिश क्रोन, नोर्वेजियन डॉलर, न्यू जीलैंड डॉलर, डेनिश क्रोन इनका कहना है गिफ्ट सिटी में किसी भी तरह के व्यापारिक लेनदेन के लिए विदेशी मुद्रा का ही इस्तेमाल करना होगा। भारत में बैठ कर विदेशी मुद्रा में कारोबार की सुविधा केवल गिफ्ट सिटी में ही है। यहां केवल प्रशासनिक खर्चों में ही रुपए का इस्तेमाल हो सकता है।

- दीपेश शाह, कार्यकारी निदेशक, आईएफएससीए

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