मोदी सरकार में जीडीपी की रफ्तार पर ब्रेक, 5 फीसदी के साथ 6 साल के निचले स्तर पर

मोदी सरकार में जीडीपी की रफ्तार पर ब्रेक, 5 फीसदी के साथ 6 साल के निचले स्तर पर

Saurabh Sharma | Publish: Aug, 30 2019 06:30:08 PM (IST) | Updated: Aug, 31 2019 09:03:56 AM (IST) अर्थव्‍यवस्‍था

  • 5.8 फीसदी से घटकर 5 फीसदी पर पहुंची विकास दर
  • पिछले साल की पहली तिमाही में विकास दर थी 8 फीसदी

नई दिल्ली। पिछले कुछ दिनों में देश की गिरती अर्थव्यवस्था को लेकर काफी बाते हो रही है। विपक्ष और अर्थव्यवस्था के जानकर इकोनॉमी को लेकर सरकार पर सवाल भी उठा रहे हैं। जिसके बीच देश की वित्त मंत्री एक हफ्ते में तीन बार प्रेस के सामने आकर सफाई तक दे चुकी है। लेकिन जो जीडीपी के आंकड़े आए हैं वो सरकार के फेवर में बिल्कुल भी नहीं है। आंकड़ों के अनुसार देश की जीडीपी 6 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है।

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5 फीसदी के स्तर पर आई जीडीपी
आंकड़ों की मानें तो देश की जीडीपी में गिरावट देखने को मिली है। पहली तिमाही के जो आंकड़े पेश किए गए हैं उसके देश की जीडीपी 5 फीसदी पर आ गई है। जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में देश की जीडीपी 8 फीसदी थी। जो गिरकर आखिरी बार 5.8 फीसदी पर आ गई थी। जो कम होकर 5 फीसदी पर आ गई है।

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बाकी सेक्टर्स के हालात भी ठीक नहीं
- मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 2018-19 के 12.1 फीसदी की तुलना में केवल 0.6 फीसदी का हुआ इजाफा।
- एग्रीकल्चर और फिशिंग सेक्टर में 2 फीसदी की दर से हुआ इजाफा।
- पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के 5.1 फीसदी थी दर।
- कंस्ट्रक्शन सेक्टर में 5.7 फीसदी की तेजी रही।
- समान अवधि में 9.6 फीसदी की तुलना में 3 फीसदी से अधिक गिरावट।
- फाइनेंशियल, रियल एस्टेट और प्रफेशनल सर्विसेज में 5.9 फीसदी की दर।
- पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के 6.5 फीसदी की थी दर।
- इलेक्ट्रिसिटी, गैस, वाटर सप्लाई समेत अन्‍य सेक्टर में मामूली तेजी देखने को मिली है।

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आरबीआई भी दे चुकी है झटका
इससे पहले मोदी सरकार को आरबीआई भी झटका दे चुकी है। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए भारत की जीडीपी का अनुमान घटाकर 6.9 फीसदी किया हैं। पहले चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी 7 फीसदी रहने का अनुमान रखा गया था। वहीं दूसरी ओर फिच, मूडीज और आर्थिक रेटिंग्स एजेंसिया भारत की आर्थिक वृद्घि को कम करके आंक रहे हैं। जो कि देश के लिए अच्छे संकेत नहीं है।

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ऑटो सेक्टर से लेकर तमाम सेक्टर्स में मंदी का दौर
वहीं दूसरी ओर मंदी की मार की वजह से कई सेक्टर्स जूझ रहे हैं। ऑटो सेक्टर की बात करें तो कई कंपनियां प्लांट बंद कर चुकी हैं। या फिर बंद करने के कगार पर हैं। वहीं लाखों लोगों की नौकरियां जा चुकी हैं। वहीं दूसरी ओर टेक्सटाइल इंडस्ट्री भी मंदी कह चपेट में है। हालात इतने बुरे हो चुके हैं कि देश की इकोनॉमी पर इसका असर साफ दिखाई देने लगा है, जो आंकड़ों के रूप में सामने हैं।

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