29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

घर चलाना हुआ सस्ता, टीवी-फ्रिज से लेकर जूते की कीमतें घटी

वस्तु एवं सेवा कर परिषद ने करीब 88 वस्तुओं पर कर की दर कम कर दी है।

2 min read
Google source verification
GST Council Meeting

घर चलाना हुआ सस्ता, टीवी-फ्रिज से लेकर जूते की कीमतें घटी

नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की रविवार को हुई 28वीं बैठक में देशवासियों को कई सौगातें मिली। परिषद की बैठक में रोजमर्रा की जरूरत की करीब 88 वस्तुओं पर कर की दरों में कमी की गई। इसमें कई वस्तुओं को 28 फीसदी के कर स्लैब से निकालकार 18 फीसदी की कर स्लैब में रखा गया। परिषद के इस फैसले से मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिली है। इन वस्तुओं पर कर की दरें कम होने से इनकी कीमत में कमी हो गई है जिससे घर चलाना अब पहले के मुकाबले सस्ता हो जाएगा।

इन सामानों पर 10 फीसदी टैक्स घटा

जीएसटी काउंसिल की बैठक में घर में राेजाना इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं पर कर की दरों में कमी करने पर आम सहमति बनी। बैठक में टीवी (27 इंच तक), वॉशिंग मशीन, रिफ्रिजरेटर, वीडियो गेम्स, वैक्यूम क्लीनर, फूड ग्राइंडर, मिक्सर, लिथियम आयन बैट्रीज, स्टोरेज वॉटर हीटर, ड्रायर, पेंट, वॉटर कूलर, मिल्क कूलर, आइसक्रीम कूलर्स, परफ्यूम, टॉइलट स्प्रे को 28 फीसदी टैक्स स्लैब से हटाकर 18 फीसदी टैक्स स्लैब में रखा गया। परिषद के इस फैसले से आम आदमी को बड़ी राहत मिली है।

घर बनाना हुआ सस्ता

परिषद ने महिलाओं के इस्तेमाल के सामान और घर की सजावट में आने वाले सामान को भी 18 फीसदी के स्लैब से निकालकर 12 फीसदी के स्लैब में रखा। इन सामानों में हैंडबैग्स, जूलरी बॉक्स, पेटिंग के लिए लकड़ी के बॉक्स, आर्टवेयर ग्लास, हाथ से बने लैंप शामिल हैं। इसके अलावा बांस से बने सामान और घर के निर्माण में काम आने वाले तराशे हुए कोटा पत्थर, सैंड स्टोन और इसी गुणवत्ता के अन्य स्थानीय पत्थरों पर 18 फीसदी की स्लैब से हटाकर 12 फीसदी के स्लैब में शामिल किया गया है।

महिलाओं को मिली बड़ी राहत

जीएसटी परिषद की 28वीं बैठक में महिलाओं को बड़ी राहत मिली है। बैठक में परिषद ने सैनेटरी नैपकिन को जीएसटी के दायरे से बाहर कर दिया। अभी तक इस पर 12 फीसदी टैक्‍स लग रहा था। जीएसटी के लागू होने से ही सैनेटरी नैपकिन से टैक्स हटाने की मांग की जा रही थी। सैनेटरी नैपकिन पर टैक्स को लेकर कई गैर सरकारी संगठनों समेत केंद्रीय मंत्री ने भी अपनी आपत्ति जताई थी।

Story Loader