जून माह में आईआईपी ग्रोथ घटकर 2 फीसदी रह गई है। इसके पहले मई माह में यह आंकड़ा 3 फीसदी रहा था। गत जून माह में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का ग्रोथ 1.2 फीसदी रहा।
नई दिल्ली। वैश्विक स्लोडाउन के बीच भारती अर्थव्यवस्था के लिए सुस्ती का एक और संकेत मिल गया है। इस साल जून माह में इंडेक्ट ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन ( IIP ) में गिरावट आई है। जून माह में आईआईपी ग्रोथ घटकर 2 फीसदी रह गई है। इसके पहले मई माह में यह आंकड़ा 3 फीसदी रहा था।
गत जून माह में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का ग्रोथ 1.2 फीसदी रहा, जोकि इसके पहले माह यानी मई में यह 2.5 फीसदी रहा था। जून 2019 में माइनिंग ग्रोथ 1.6 फीसदी रही। एक महीना पहले मई 2019 में माइनिंग ग्रोथ 3.2 फीसदी थी। जून 2019 में इलेक्ट्रिसिटी की ग्रोथ में बढ़ोतरी देखने को मिली है। जून में यह ग्रोथ 8.2 फीसदी रही दो मई में 7.4 फीसदी थी।
प्राइमरी गुड्स की ग्रोथ में सबसे अधिक गिरावट
जून 2019 में प्राइमरी गुड्स की ग्रोथ में सबसे अधिक गिरावट रही है। इस दौरान प्राइमरी गुड्स की ग्रोथ सिर्फ 0.5 फीसदी रही जो मई 2019 में 2.5 फीसदी थी। जून 2019 में कैपिटल गुड्स की ग्रोथ में बड़ी गिरावट आई है। मई 2019 के 0.8 फीसदी के मुकाबले यह घटकर जून में -6.5 फीसदी पर आ गया है। इस दौरान इंटरमीडिएट गुड्स की ग्रोथ मई 2019 के 0.6 फीसदी के मुकाबले बढ़कर 12.4 फीसदी हो गई।
कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी कमजोरी
जून में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की ग्रोथ की काफी कमजोर रही। मई 2019 में इसकी ग्रोथ -0.1 फीसदी थी जो जून 2019 में घटकर -5.5 फीसदी पर आ गए। कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल्स की ग्रोथ में कुछ खास बदलाव नहीं रहा। मई 2019 के 7.7 फीसदी के मुकाबले जून में मामूली बढ़ोतरी के साथ यह 7.8 फीसदी रहा।