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अगले 4-5 सालों में एमएसएमई सेक्टर में होंगे 1 करोड़ नौकरियों के अवसर, नोमुरा ने किया दावा

नोमुरा ने कहा- यदि कुछ खंडों में एमएसएमई का विकास होता है तो इससे आगामी चार से पांच सालों में 75 लाख से एक करोड़ लोगों को नौकरी मुहैया कराया जा सकता है। नौकरियों में एमएसएमई क्षेत्र का साल 2017-18 में 3.6 करोड़ रोजगार का रहा योगदान अंतरिम बजट पेश करते हुए सरकार ने एमएसएमई सेक्‍टर को समर्थन के लिए एक करोड़ रुपये तक के कर्ज पर दो फीसदी ब्याज सब्सिडी देने की घोषणा की है।

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अगले 4-5 सालों में एमएसएमई सेक्टर में होंगे 1 करोड़ नौकरियों के अवसर, नोमुरा ने किया दावा

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 में रोजगार एक ऐसा मुद्दा है जिसे लेकर विपक्षी दल केंद्र की एनडीए सरकार को लगातार घेर रहे हैं। ऐसे में नोमुरा रिसर्च इंस्टिट्यूट ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि भारत में सूक्ष्म, लघू एवं मझोले उपक्रम ( msme ) सेक्टर में आगामी चार से पांच सालों में एक करोड़ नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके लिए नोमुरा की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि आयात की जानी वाली कुछ वस्तुओं का उत्पादन के लिए उपक्रमों के विकास पर ध्यान देना जरूरी है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि यदि कुछ खंडों में एमएसएमई का विकास होता है तो इससे आगामी चार से पांच सालों में 75 लाख से एक करोड़ लोगों को नौकरी मुहैया कराया जा सकता है।


नौकरियों में एमएसएमई क्षेत्र का साल 2017-18 में 3.6 करोड़ रोजगार का रहा योगदान

इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इन रोजगारों के नए अवसर के लिए भारत के विनिर्माण क्षेत्र को दोहरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठानी होगी। इस क्षेत्र में कृषि क्षेत्र से आने वाले श्रमिकों के अतिरिक्त श्रम बल में शामिल होने वाले नए बल की भी जिम्मेदारी उठानी होगी। एमएसएमई मंत्रालय ने साल 2017-18 के लिए जो वार्षिक रिपोर्ट जारी किया था, उसके मुताबिक करीब 3.6 करोड़ यानी 70 फीसदी रोजगार का योगदान एमएसएमई क्षेत्र का रहा है। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एमएसएमई का विस्तार तेजी से हुआ है।


इन क्षेत्रों के विकास से बढ़ेंगे नौकरियों के अवसर

गौरतलब है कि विनिर्माण के लिए देशभर में अलग-अलग ईकाई बने हुए हैं जिनमें कृत्रिम आभूषण, खेलकूद के सामान, वेज्ञानिक उपकरण, कपड़ा मशीनरी, बिजली के पंखे, रबड़, प्लास्टिक, चमड़ा समेत अन्य उत्पादन शामिल हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इस नोमुरा के इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इन क्षेत्रों में एमएसएमई को और विकसित करने से भारत में रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। बता दें कि बीते फरवरी महीने में वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने वित्त वर्ष 2019-10 के लिए अंतरिम बजट पेश करते हुए एमएसएमई सेक्‍टर को समर्थन देने के लिए एक करोड़ रुपये तक के कर्ज पर दो फीसदी ब्याज सब्सिडी देने की घोषणा की है।

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