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तो साढ़े 6 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंची महंगाई, जानिए किसने यह बात बताई

ऑक्सफोर्ड इकनॉमिक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार चौथी तिमाही में मुद्रास्फीति अपने अधिकतम स्तर पर होगी रिपोर्ट के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई अक्टूबर में कोविड-19 से पूर्व के उच्च स्तर पहुंची

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Saurabh Sharma

Nov 15, 2020

Oxford economics said, inflation reached high level of 6.5 years

Oxford economics said, inflation reached high level of 6.5 years

नई दिल्ली। इंडियन इकोनॉमी लेकर बीते कुछ समय से काफी कयास लगाए जा रहे हैं। दुनियाभर की तमाम एजेंसियां भारत की उठती इकोनॉमी पर बात कर रही हैं। हाल ही में ऑक्सफोर्ड इकनॉमिक्स की रिपोर्ट ने चौंकाने वाली बात सामने रखी हैै। ऑक्सफोर्ड इकनॉमिक्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि देश में महंगाई साढ़े 6 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। वैसे एजेंसी ने इस बात को भी जोर देकर कहा है कि देश की इकोनॉमी में तेजी से सुधार देखने को मिल रहा है। ऐसे में आरबीआई नीतिगत ब्याजदरों में अपने नरमी के रुख को दूसरी ओर मोड़ सकता है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर ऑक्सफोर्ड इकनॉमिक्स ने अपनी रिपोर्ट में और क्या कहा है।

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महंगाई को ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स की रिपोर्ट
रिपोर्ट के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति अक्टूबर में कोविड-19 से पूर्व के उच्च स्तर पर आ गई है। फ्यूल के अलावा सभी में तेजी के साथ दाम बढ़े हैं।रिपोर्ट की मानें तो चौथी तिमाही में महंगाई अपने अधिकतम स्तर पर जाएगी। ऐसे में 2021 में इस मामले में ज्यादा सर्तकता बरतनी होगी। अंडों तथा सब्जियों के दाम चढऩे से अक्टूबर में खुदरा मुद्रास्फीति करीब साढ़े छह साल के उच्चस्तर 7.61 प्रतिशत पर पहुंच गई है। जोकि आरबीआई के अनुमान से ज्यादा है। जबकि सितंबर के महीने में खुदरा महंगाई 7.27 फीसदी पर थी।

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ब्याजदरों को बढ़ा सकता है आरबीआई
ऑक्सफॉर्ड यूनिवर्सिटी के अनुसार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अब नीतिगत ब्याज दरों में नरमी के रुख को खत्म कर सकता है। रिपोर्ट के अनुसार आने वाले दिनों में आरबीआई या तो ब्याज दरों में तेजी लाएगा या फिर सपाट स्तर पर रखने का प्रयास करेगा। ऑक्सफॉर्ड यूनिवर्सिटी का कहना है कि भारतीय इकोनॉमी में तेजी के साथ विस्तार हो रहा है।

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