
नई दिल्ली।भारत सरकार जम्मूू कश्मीर से धारा 370 को हटाकर विशेष दर्जा खत्म कर दिया। उसके बाद जम्मू कश्मीर से लद्दाख को अलग कर दोनों को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया। इस पूरे प्रोसेस को पूरा करने के लिए सरकार को जम्मू कश्मीर में काफी शांति की जरुरत थी। ऐसे में इस दौरान दुकानें बंद रही और धारा 144 लगी। जिसका कश्मीर के व्यापार पर सीधे तौर पर दिखाई दिया। करीब एक हफ्ते में जम्मू कश्मीर के कारोबारियों ने 1000 हजार करोड़ रुपए के नुकसान का अंदाजा लगाया है। आइए आपको भी बताते हैं कि व्यापारियों को किन क्षेत्रों में कितना नुकसान हुआ है।
कश्मीर में रोजाना 175 करोड़ रुपए का नुकसान
कश्मीर चैंबर ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री के अनुसार प्रशासन की ओर से लागू पाबंदियों की वजह से राज्य में किसी तरह का व्यापार नहीं हो सकता। खास बात तो ये है कि कश्मीर में मौजूदा में समस में कम से कम 175 करोड़ रुपए का नुकसान रोजाना हो रहा है। ताज्जुब की बात तो ये है कि कश्मीर में यह नुकसान तब हो रहा है जब ईद का सामान खरीदा जाना था। क्योंकि कश्मीर मुस्लिम बाहुल्य इलाका है।
यह कारोबार हुआ सबसे ज्यादा प्रभावित
कारोबार संगठन ने नाम ना प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि इलाके में कई पाबंदी लगाई थी। जिसकी वजह से स्थानीय लोग घरों से बाहर निकल पा रहे थे। ऐसे में किसी तरह का कोई सामान नहीं बिक पा रहा था। संगठन के अनुसार सबसे ज्यादा नुकसान बेकरी और मवेशियों के डीलर्स को हुआ है। उनके कारोबार को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। बेकरी मालिकों की मरनें तो उन्हें करीब 200 करोड़ रुपए का नुकसान झेलना पड़ा है। इसका मुख्य कारण है कि बेकरी का सामान जल्दी खराब हो जाता है। कश्मीर के अच्छी दुकानों को औसतन एक करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
मवेशी डीलर्स को भी बड़ा नुकसान
अगर बात मवेशी डीलर्स की करें तो ईद के मौके पर उन्हें इस बार अच्छी कमाई की उम्मीद थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो सका। ईद के मौके पर कुर्बानी के बकरों की इस बार अच्छी खरीद फरोख्त नहीं हो चुकी है। डीलर्स के अनुसार लोगों के घरों के बाहर ना निकलने से उनके सभी बकरे और बकरियों की खरीदारी नहीं हुई है। ऐसे में इस बार उन्हें वापस लौटना होगा। जानकारों की मानें तो करीब 200 से 250 करोड़ रुपए का नुकसन होने का अनुमान लगाया गया है।
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Updated on:
12 Aug 2019 09:18 am
Published on:
12 Aug 2019 08:30 am

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