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किसानों का कर्ज चुकानों को बढ़ सकती है चीनी की एमएपी, जानिए कितने बढ़ सकते हैं दाम

वित्त वर्ष 2019-20 का गन्ना किसानों का चीनी मिलों पर करीब 22 हजार करोड़ रुपया बकाया मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सचिवों की कमेटी में चीनी की कीमत 2 रुपए बढ़ाने की भी मिल चुकी है मंजूरी

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Sugarcane Farmers

Sugar MSP can increase farmers' debt repayments, how much can prices

नई दिल्ली। सरकार आम जनता को झटका देने जा रही है। सरकार गन्ना किसानों ( Sugarcane Farmers ) को राहत देने के लिए जल्द ही चीनी एमएसपी ( Sugar MSP ) यानी मिनिमम सेलिंग प्राइस में इजाफा कर सकती है। जानकारी के अनुसार बीते वित्त वर्ष 2019-20 का गन्ना किसानों का चीनी मिलों ( Sugar Mills ) पर करीब 22 हजार करोड़ रुपया बकाया है। जिसकी वजह से किसान काफी परेशान है। किसानों की परेशानी कम और मिलो का सिरदर्द आम को देने की कोशिश की जा रही है।

कितना हो सकता है इजाफा
मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक सरकार चीनी की कीमत में करीब 2 रुपए प्रति किलो का इजाफा कर सकती है। सचिवों की एक कमेटी में चीनी की कीमत 2 रुपये बढ़ाने को मंजूरी भी मिल चुकी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस फैसले से शुगर मिलों का कैश फ्लो बढ़ जाएगा और कंपनियां आसानी से किसानों को भुगतान कर पाएंगी। वही चीनी की कीमतों को बढ़ाने का सुझाव चीनी उत्पादक राज्यों की ओर से भी आया था। अब अंतिम फैसले का इंतजार किया ज रहा है। वहीं नीति आयोग की ओर से इस निर्णय पर अपनी हरी झंडी नहीं दिखाई है।

अक्टूबर से सितंबर के बीच होती है गणना
चीनी प्रोडक्शन ईयर हर साल 1 अक्टूबर से अगले साल 30 सितंबर होती है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार इस फैसले से किसानों को मदद मिले, ऐसे कदम उठाए जाएंगे। स्टेट एडवाइज्ड प्राइस के मुताबिक चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का करीब 22 हजार 79 करोड़ रुपए बकाया है। वहीं केंद्र सरकार के फेयर एंड रेम्युनेरेटिव प्राइस के अनुसार बकाया 17 हजार 683 करोड़ रुपए है।