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Budget 2026: म्यूचुअल फंड निवेशकों को बजट में मिल सकती है बड़ी राहत, एम्फी ने सरकार के सामने रखी 27 मांगें

Budget 2026: एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड ऑफ इंडिया ने डिमांड की है कि अभी जो 'फंड ऑफ फंड्स' 90 फीसदी पैसा इक्विटी में लगाते हैं, इन्हें भी इक्विटी फंड माना जाए।
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भारत

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Pawan Jayaswal

Jan 23, 2026

Budget 2026

एम्फी ने सरकार के सामने 27 मांगें रखी हैं। (PC: AI)

Budget 2026: यूनियन बजट 2026 के नजदीक आते ही म्युचुअल फंड इंडस्ट्री की नजर टैक्स सुधारों पर टिक गई है। मकसद है रिटेल निवेशकों की भागीदारी बढ़ाना और लंबे समय के लिए निवेश को प्रोत्साहित करना। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कैपिटल गेन टैक्स में कमी और स्थिर टैक्स नीतियां निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने में मदद कर सकती हैं। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड ऑफ इंडिया (एम्फी) ने 27 मांगें सरकार के सामने रखी हैं।

क्या है म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की प्रमुख मांगें?

  • नई टैक्स व्यवस्था के तहत ईएलएसएस में निवेश के लिए अलग डिडक्शन देने की मांग।
  • ईएलएसएस के नियम 3ए में बदलाव हो, ताकि निवेश सिर्फ 500 रुपए के मल्टीपल में ही नहीं, बल्कि किसी भी अमाउंट में किया जा सके।
  • डेट फंड्स पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स के साथ इंडेक्सेशन बेनिफिट को दोबारा शुरू किया जाए, जिसे 2024 में हटा दिया गया था।
  • अगर निवेशक डेट फंड को 36 महीने से ज्यादा समय होल्ड करता है, तो 12.5% टैक्स बिना इंडेक्सेशन या 20% टैक्स इंडेक्सेशन के साथ का ऑप्शन मिलना चाहिए।
  • म्यूचुअल फंड स्कीम के तहत यूनिट्स की इंट्रा-स्कीम स्विचिंग के संबंध में टैक्स ट्रीटमेंट में समानता। इक्विटी ओरिएंटेड फंड्स की परिभाषा में बदलाव कर उसमें विदेश में इक्विटी में निवेश करने वाले फंड ऑफ फंड्स को शामिल करना ।
  • अभी जो 'फंड ऑफ फंड्स' 90 फीसदी पैसा इक्विटी में लगाते हैं, उन पर भी डेट फंड की तरह टैक्स लगता है, जो नुकसानदेह है। इन्हें भी इक्विटी फंड माना जाए और उसी हिसाब से कम टैक्स लगाया जाए।
  • सभी म्यूचुअल फंड्स को म्यूचुअल फंड लिंक्ड रिटायरमेंट स्कीम शुरू करने की मंजूरी दी जाए। इसे एनपीएस की तरह ईईई टैक्स ट्रीटमेंट मिले। कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के योगदान पर टैक्स छूट दी जाए।
  • डेट लिंक्ड सेविंग्स स्कीम शुरू करने की मांग, ताकि भारत के बॉन्ड मार्केट को मजबूत किया जा सके और छोटे निवेशकों को भी डेट इंस्टूमेंट्स की ओर अट्रैक्ट किया जा सके।
  • अभी इक्विटी से होने वाली 1.25 लाख रुपए तक की सालाना कमाई टैक्स फ्री है। यह सीमा कम है। इसे बढ़ाया जाए। अगर कोई निवेशक 5 साल से ज्यादा म्यूचुअल फंड रखता है तो उसे कैपिटल गेन्स टैक्स में अतिरिक्त राहत मिले।
  • जो म्यूचुअल फंड्स कम से कम 65% निवेश रीट-इनविट में करते हैं, उन्हें भी इक्विटी फंड जैसा टैक्स ट्रीटमेंट मिलना चाहिए।

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