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Tata Power Share Price 27 August: 4% से ज्यादा टूटा शेयर, कंपनी को लगा 490 मिलियन डॉलर का झटका, जानिए क्या है पूरा मामला

Tata Power Singapore Court: सिंगापुर की अदालत ने Kleros Capital विवाद में Tata Power की चुनौती खारिज कर दी है। कंपनी पर 490.32 मिलियन डॉलर हर्जाने और ब्याज का मामला है। इस फैसले के बाद शेयर में 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई।
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Tata Group Stock News

Tata Power के शेयर में गिरावट आई है। (फोटो: AI)

Tata Power Stock Fall Reason: शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव भरे माहौल के बीच आज टाटा पावर (Tata Power Share Price) के शेयर में 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली। टाटा पावर का शेयर NSE पर 359.20 रुपये पर खुला, जबकि पिछले कारोबारी दिन में यह 364.00 रुपये पर बंद हुआ था। इस गिरावट की वजह यह है कि टाटा पावर को सिंगापुर की अदालत से एक बड़ा झटका लगा है। सिंगापुर इंटरनेशनल कमर्शियल कोर्ट ने टाटा पावर और क्लेरोस कैपिटल के बीच एक विवाद पर टाटा के दावे को खारिज कर दिया है।

टाटा पावर (Tata Power Share Price)

NSE पर सुबह 10 बजकर 50 मिनट पर टाटा पावर का शेयर 4.04 फीसदी या 14.70 रुपये की गिरावट के साथ ट्रेड करता दिखा। यह शेयर एक हफ्ते में 6.92 फीसदी गिर चुका है। इस साल अब तक इसमें 8.52 फीसदी और एक साल में 7.53 फीसदी की गिरावट आई है। हालांकि, लंबी अवधि में शेयर ने तीन साल में 42.22 फीसदी पांच साल में 174.50 फीसदी का रिटर्न दिया है।

क्या था पूरा मामला?

एक्सचेंज में दी गई जानकारी के मुताबिक, टाटा पावर और क्लेरोस कैपिटल के बीच यह विवाद वर्ष 2013 से जुड़ा है। उस समय क्लेरोस ने रूस में एक कोयला खदान के लिए संयुक्त रूप से बोली लगाने का प्रस्ताव टाटा पावर को दिया था। दोनों कंपनियों ने चार साल का नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट यानी NDA किया था, जिसके तहत प्रोजेक्ट से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा की गई। इसके बाद साल 2015 में प्रोजेक्ट में इक्विटी हिस्सेदारी को लेकर बातचीत आगे बढ़ी, लेकिन समझौता नहीं हो सका। इसके बाद 2016 में दोनों कंपनियों का सहयोग खत्म हो गया। 2017 में उसी रूसी कोयला भंडार के लिए माइनिंग लाइसेंस की एक नई नीलामी हुई। जहां क्लेरोस ने नीलामी में हिस्सा नहीं लिया, वहीं टाटा पावर ने अपनी रूसी सब्सिडियरी के जरिए स्वतंत्र रूप से बोली लगाई और आखिरकार लाइसेंस हासिल कर लिया।

गोपनीय जानकारी के इस्तेमाल का लगा आरोप

इसके बाद क्लेरोस कैपिटल ने टाटा पावर पर आरोप लगाया कि उसने उस गोपनीय जियोलॉजिकल और आर्थिक डेटा का इस्तेमाल किया जो उनकी पिछली साझेदारी के दौरान साझा किया गया था। विवाद को समाधान के लिए सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (SIAC) में भेजा गया। जहां SIAC ट्रिब्यूनल ने टाटा पावर को समझौते का उल्लंघन और गोपनीय जानकारी के गलत इस्तेमाल का दोषी माना। साथ ही कंपनी पर 490.32 मिलियन डॉलर का हर्जाना लगाया। इसके अलावा इसमें नवंबर 2020 के अंत से 5.33 फीसदी सालाना ब्याज और कानूनी खर्च भी शामिल हैं।

कोर्ट ने खारिज की कंपनी की चुनौती

टाटा पावर ने इस आर्बिट्रेशन फैसले को सिंगापुर इंटरनेशनल कमर्शियल कोर्ट में चुनौती दी थी। लेकिन 26 अगस्त को अदालत ने कंपनी की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने माना कि अंतिम फैसला देने में प्राकृतिक न्याय या निष्पक्ष सुनवाई के नियम का उल्लंघन नहीं हुआ।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)