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हर फील्ड में जिस तरह से कॅरियर बनाने की सोच बढ़ी है वैसे ही आजकल ऐसे कई फील्ड हैं जिनके नाम बहुत पहले सुनने में आते थे। ऐसा ही एक फील्ड है ट्राइबल स्टडीज। शिक्षा और रोजगार दोनों के अनुसार इसमें कई अवसर हैं। जानें इस क्षेत्र के बारे में-
ट्राइबल स्टडीज
शहरी वातावरण से दूर पहाड़ों और जंगलों के बीच रह रहे आदिवासी लोगों की संस्कृति, भाषा, पहचान, बोलचाल, रहन-सहन, खानपान और व्यवहार आदि को जानने का अध्ययन ही ट्राइबल स्टडीज कहलाता है। ये केवल आर्थिक रूप से ही पिछड़े नहीं होते बल्कि बीमारी, गरीबी, रहन सहन आदि कई ऐसे फैक्टर हैं जिनसे ये परेशान रहते हैं। कई सरकारी और गैर सरकारी संस्थान हैं जो यहां की परेशानियों को हल करने में लगे रहते हैं। साथ ही ये लोग भी उन्हीं से अपनी बात साझा करना पसंद करते हैं जो उनके बारे में सभी जानकारियों से वाकिफ हो। इसलिए इस तरह की स्टडीज का चलन बढ़ गया है।
जरूरी योग्यता
12वीं पास होने के अलावा संबंधित विषय में ग्रेजुएशन डिग्री प्राप्त होना अनिवार्य है। हायर एजुकेशन के लिए मास्टर व पीएचडी की आवश्यकता पढ़ती है।
संबंधित कोर्स व पाठ्यक्रम
कई यूनिवर्सिटी और संस्थान हैं जहां इसके कोर्सेज संचालित किए जाते हैं। सर्टिफिकेट कोर्स से लेकर यूजी, पीजी, डिप्लोमा, मास्टर डिग्री, एमफिल और पीएचडी के अलावा शॉर्ट टर्म व डिस्टेंस लर्निंग कोर्सेज का चलन भी काफी बढ़ गया है। क्लासरूम में पढ़ाई के अलावा प्रैक्टिकल के लिए कई ट्राइबल जगहों पर जाकर रिसर्च का भी काम करते हैं। इसके अलावा इसमें उनसे जुड़ी योजनाओं का अध्ययन करना, उनकी जिंदगी को बेहतर बनाने के साथ ही सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक स्तर को मजबूत बनाने का काम शामिल होता है।
यहां से ले सकते हैं शिक्षा
Published on:
21 Jan 2019 02:04 pm
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