
CBSE Board
CBSE Board: कॉलेज और यूनिवर्सिटीज के तर्ज पर अब सेंट्रल बोर्ड ऑफ सैकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) देशभर की स्कूलों की भी ग्रेडिंग करेगा। बोर्ड की ओर से पहली बार ऐसा कदम उठाया जा रहा है। सीबीएसई ने इस संबंध में सर्कुलर जारी करते हुए निर्देश दिया है कि सभी स्कूलों को इस साल से बोर्ड को ऑनलाइन जानकारी देनी होगी। स्कूल्स को हर तीन साल में कम्पलीट डिटेल बोर्ड को देना जरूरी होगा। स्कूल क्वालिटी एसेसमेंट एंड एश्योरेंस (एसक्यूएए) को सीबीएसई ने आठ डोमेन में बांटा है। एकेडमिक, को-करिकुलम एक्टिविटीज सहित इंफ्रास्ट्रक्चर सहित कई पैरामीटर्स के आधार पर स्कूल को ग्रेडिंग दी जाएगी। बोर्ड के इस इनिशिएटिव से स्टूडेंट्स और पैरेंट्स स्कूल की रिपोर्ट जानकार आगे की स्टडी को प्लान कर सकेंगे।
10 से लेकर 25 परसेंट के स्केल पर की जाएगी मार्किंग
सबसे ज्यादा माक्र्स स्कोलॉस्टिक (एकेडमिक) प्रोसेस के 25 परसेंट और को-स्कोलास्टिक प्रोसेस के 15 परसेंट माक्र्स होंगे। वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर, ह्यूमन रिसोर्स, इन्क्लूसिव प्रैक्टिसेज, मैनेजमेंट एंड गवर्नेंस, लीडरशिप और बेनिफिशियरी सेटिस्फेक्शन सभी 10-10 परसेंट के होंगे। इन सभी आठ ग्रुप में स्कूल को मार्किंग देने के बाद फाइनल माक्र्स के आधार पर रैंकिंग की जाएगी।
ग्रेड के आधार पर स्कूल चुनने में होगी आसानी
भारतीय विद्या भवन विद्याश्रम स्कूल की प्रिंसिपल प्रतिमा शर्मा के अनुसार बोर्ड के इस इनिशिएटिव से बच्चों को निश्चित रूप से फायदा होगा। स्कूल की ग्रेडिंग के आधार पर पैरेंट्स बच्चों के लिए स्कूल चुन सकेंगे। वहीं स्कूल्स में भी और हेल्दी स्टडी एनवायर्नमेंट तैयार होगा। कॉम्पीटिशन के चलते स्कूल अपनी एकेडमिक और दूसरी फैसिलिटीज में अधिक सुधार करेंगे।
ग्रेड-3 के स्कूल होंगे सबसे बेहतर
सुबोध स्कूल के टीचर डॉ. संजय पाराशर के अनुसार स्कूलों को सीबीएसई को ऑनलाइन रिपोर्ट बनाकर भेजनी होगी। इसके लिए बोर्ड की ओर से जल्द ही ट्रेनिंग सेशन भी आयोजित किए जाएंगे। स्कूल को हर पैरामीटर में एग्जामिन करने के बाद ही ग्रेडिंग दी जाएगी। स्कूल्स को तीन कैटेगरी में बांटा जाएगा। जहां कैटेगरी 1 सबसे बेटर स्कूल्स होंगे और कैटेगरी 1 में एवरेज स्कूलों को रखा जाएगा।
Published on:
20 Oct 2019 08:21 am
बड़ी खबरें
View Allशिक्षा
ट्रेंडिंग
