
Special Female Force: सभी देशों के पास खुद के स्पेशल फोर्स होते हैं। लेकिन बात जब भी सबसे पॉवरफुल फोर्स की आती है तो अमेरिका का जिक्र सबसे ऊपर आता है। ग्लोबल फायरपावर की वर्ष 2024 की रैंकिंग में भी अमेरिका का नाम शीर्ष स्थान पर है। इसके बाद रूस और चीन हैं। वहीं भारत चौथे नंबर पर है। ये तो रही बात स्पेशल फोर्स की। लेकिन क्या आप जानते हैं कि किस देश की फीमेल फोर्स का नाम सबसे ऊपर आता है?
नॉर्वे की सेना में महिलाओं को सशक्त बनाने और उनकी क्षमताओं का बेहतर इस्तेमाल करने के उद्देश्य से 2014 में ‘जेगरट्रॉपेन’ नाम की विशेष बल इकाई का गठन किया गया था। यह दुनिया की पहली ऐसी विशेष इकाई है जो पूरी तरह से महिलाओं से बनी है।
जेगरट्रॉपेन की महिला सैनिक कठिन प्रशिक्षण से गुजरती हैं। ये ट्रेनिंग सामान्य सैनिकों से कई गुना ज्यादा कठिन बताया जाता है। इस ट्रेनिंग में आर्कटिक अस्तित्व, गश्त, गुप्त कार्य और युद्ध कौशल आदि शामिल है। इन महिलाओं को शरीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाया जाता है ताकि वे किसी भी तरह की चुनौतियों का सामना कर सकें।
बता दें, शुरुआत में इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया था। पायलट प्रोजेक्ट का अर्थ है किसी पूर्ण प्रोजेक्ट से पहले अध्ययन के लिए डिजाइन किया गया प्रोजेक्ट। जेगरट्रॉपेन के तहत नॉर्वे में विशेष रूप से महिला सैनिकों की भर्ती उन मिशन के लिए होती है, जहां महिला पूछताछ और संपर्क की आवश्यकता होती है।
Updated on:
14 Sep 2024, 11:57 AM IST
Published on:
14 Sep 2024, 11:57 AM IST
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