लोकतंत्र के महायज्ञ में मतों की पहली आहुती उन हाथों से डली है जिन्हें सरकार बनाते, बदलते वर्षों हो गए हैं। ८० वर्ष व अधिक उम्र के हमारे बागबानों ने अपने जीवन में एक बार फिर जनता की आवाज विधानसभा तक पहुंचाने के लिए मतदान किया। इस बार उनके लिए भी नया यह था कि उनका मत लेने पहली दफा पोलिंग पार्टी उनके घर आई थी।
विधानसभा चुनाव को लेकर सोमवार से मतदान शुरू हो गया है। निर्वाचन आयोग द्वारा ८० प्लस व दिव्यांग (पीडब्ल्यूडी) मतदाताओं के लिए इस बार घर बैठे ही पोस्टल बैलेट पेपर से मतदान करने की वैकल्पिक सुविधा दी गई है। जिले में कुल १८०७ बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाताओं ने पोस्टल बैलेट से मतदान के लिए आवेदन किया था। पहले दिन सोमवार को चार विधानसभा उज्जैन उत्तर, दक्षिण, महिदपुर और तराना में पोलिंग पार्टिंयों ने उक्त मतदाताओं के घर पहुंच गोपनीयता का ध्यान रखते हुए मतदान करवाया। पारदर्शिता के लिए इस दौरान राजनीतिक दलों के एजेंट भी दल के साथ रहे। मतदान के लिए पूर्व से रूट चार्ट तैयार किया गया था। पहले दिन के लिए जिन मतदाताओं को मतदन के लिए सूचिबद्ध किया गया था उनमें से ८० फीसदी से अधिक ने घर बैठे अपने मताधिकार का उपयोग किया। जो मतदाता नहीं मिले, उनके घर उपलब्ध नहीं होने की सूचना चस्पा की गई। मंगलवार को दल फिर उनके घर जा सकते हैं। पहले दिन चार विधानसभा में कुल ६२९ मतदाताओं ने मतदान किया। इनमें ५८४ वयोवृद्ध व ४५ दिव्यांग मतदाताा शामिल थे। उपजिला निर्वाचन अधिकारी एमएस कवचे ने बताया कि मंगलवार को सभी सातों विधानसभा में मतदान करवाया जाएगा।
सुविधा से खुश हुए बुजुर्ग
पहली बार आयोग द्वारा की गई यह व्यस्था बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए काफी सुविधाजनक रही। ८३ वर्षीय सुरेंद्र खंडेलवाल ने बताया, अच्छी सुविधा शुरू की गई है। मुझे लकवे की समस्या है। यदि घर पर मतदान की सुविधा नहीं मिलती तो पोलिंग बूथ पर जाकर मतदान करना बहुत तकलीफदायक होता।
ऐसे हुआ घर बैठे मतदान
– आवेदक मतदाता के नाम पहले ही सूचिबद्ध कर लिए गए थे। इनके आधार पर रूट चार्ट तैयार किया गया जिसमें समय अवधि भी तय थी।
– सेक्टर व पीठासीन अधिकारी सहित पूरी पोलिंग टीम करीब ढाई फीट ऊंचा पुष्ठे का बूथ लेकर मतदाता के घर पहुंची। राजनीतिक दल के एजेंट्स को भी इसकी सूचना दी गई थी।
– घर पर मतदाता का परिचय पत्र जांचने के बाद उन्हें सभी प्रत्याशी के नाम व चुनाव चिन्ह वाला डाक मत पत्र दिया गया।
– मतदाता के सामने बूथ बनाया गया व मौजूद अन्य सभी लोगों को बूथ से दूर कर दिया गया। मतदान की पूरी रिकार्डिंग की गई।
– मतदान के बाद मत पत्र को लिफाफे में रख, मतदाता के समक्ष ही लिफाफे को गोंद से सील किया गया।
962 निर्वाचनकर्मियों ने मतदान किया
मतदानकर्मियों के लिए सोमवार से पोस्टल बैलेट से मतदान करने की शुरुआत हुई। इनके लिए वाग्देवी भवन में स्थित ट्रेनिंग सेंटर में फेसिलिटी सेंटर बनाए गए थे जहां मतदान की सुविधा थी। जिले में ८ हजार ८०० मतदानकर्मी हैं जिनमें से पहले दिन ९६२ ने ही मतदान किया।
जिले में कहा कितना मतदान