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एटा। उत्तर प्रदेश के एटा में रिश्वतखोरी का नया मामला सामने आया है। जलेसर तहसीलदार विजय कुमार छत्रपति ने रिश्वत ले ली। रिश्वत लेने के बाद भी जब काम नहीं हुआ और बात बिगड़ने लगी। पीड़ित ने मामले को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाने की बात कही। मामले की नजाकत को समझते हुए तहसीलदार ने पीड़ित किसान से रिश्वत के रुपये ईमानदारी के साथ वापस कर दिए। पीड़ित ने रिश्वतखोर तहसीलदार का वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पूरा मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में है। प्रशासन तहसीलदार को बचाने के लिए लीपापोती में जुटा है।
ये है पूरा मामला
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकारी सिस्टम को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। सरकारी सिस्टम से जुड़े अधिकारियों ने जैसे कसम खा रखी हो कि हम नहीं सुधरेंगे। एटा के जलेसर तहसीलदार विजय कुमार छत्रपति का सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो इसका प्रमाण है। रिश्वतखोर तहसीलदार को जब तक ऊपरी चढ़ावा न मिले ये किसी भी कागज पर साइन नहीं करते हैं। तहसील जलेसर की ग्राम पंचायत नगला मदारी के रहने वाले तालेवर सिंह अपने गाटा संख्या 2367 पर वारिसान सर्टिफिकेट के लिए अपर जिलाधिकारी से मिले। पूरे मामले को उन्होंने तहसीलदार जलेसर को भेजा और आख्या देने को कहा।
वारिसान सर्टिफिकेट और रसीद देने के साथ ही काम कर देने की हामी भरने के बाद तहसीलदार ने पीड़ित किसान तालेवर सिंह से 17 हजार रुपये की मॉंग कर दी। मरता क्या न करता। पीड़ित तालेवर सिंह ने कर्ज लेकर तहसीलदार को 17 हजार रुपये की रिश्वत दे दी। महीनों बीत जाने के बाद भी नतीजा सिफर रहा। इसके बाद पीड़ित ने तहसीलदार जलेसर से काम न होने पर और ब्याज पर रुपये लेकर देने की बात कहते हुए रुपये वापस करने की बात कही। इस पर तहसीलदार का पारा चढ़ गया।
शिकायत की धमकी पर रिश्वत के रुपये वापस किए
दुखी पीड़ित किसान जब मामले को उच्चाधिकारियों तक ले जाने की बात कही तो घूसखोर तहसीलदार ने हड़काते हुए खरीखोटी सुनाई। इसके बाद रुपये वापस कर दिये। साथ ही कहा-पानी में रहकर मगरमच्छ से वैर मत करो, हमसे बहुत काम पड़ेगे। रुपये वापस करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पूरे मामले में जिलाधिकारी जिलाधिकारी आईपी पांडेय कैमरे के सामने कुछ भी कहने को तैयार नहीं है।
Published on:
27 Dec 2018 01:20 pm

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