
एटा में कारोबारी बेटे ने ही की थी चारों हत्याएं, PC- X
एटा : एटा में हुए दिल दहला देने वाले हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस जघन्य वारदात का आरोपी कोई और नहीं बल्कि परिवार का ही सदस्य, दवा कारोबारी कमल सिंह शाक्य निकला। आरोपी ने अपने पिता, मां, पत्नी और बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी थी।
इस हत्याकांड की जानकारी अलीगढ़ रेंज के डीआईजी प्रभाकर चौधरी ने सोमवार को पुलिस लाइन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी।
डीआईजी के मुताबिक, कमल सिंह की बेटी ज्योति शाक्य की शादी 11 फरवरी को चंडीगढ़ निवासी अनुराग सक्सेना से तय थी। यह एक इंटरकास्ट मैरिज थी, जिसे लेकर कमल तैयार था, लेकिन शादी के लिए करीब 4 लाख रुपये का इंतजाम नहीं हो पा रहा था।
इसी बात को लेकर पत्नी रत्ना देवी आए दिन उसे ताने देती थी। सोमवार दोपहर इसी मुद्दे पर दोनों के बीच झगड़ा हुआ, जिसके बाद गुस्से में आकर कमल सिंह ने पहले पत्नी की हत्या कर दी। इसके बाद उसने बेटी, मां और अंत में पिता को भी मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सोमवार दोपहर 12:40 बजे घर में दाखिल हुआ और 1:55 बजे बाहर निकला। इसी दौरान चारों हत्याओं को अंजाम दिया गया।
CCTV फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मेडिकल रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। डीआईजी के अनुसार, इस केस में करीब 80 प्रतिशत सबूत वैज्ञानिक हैं।
पोस्टमॉर्टम तीन डॉक्टरों के पैनल- डॉ. राजीव किशोर, डॉ. उत्सव जैन और डॉ. श्वेता राजपूत द्वारा किया गया। डॉक्टरों ने इसे बेहद नृशंस हत्या करार दिया।
रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पहले गला दबाया गया और फिर ईंट से सिर व चेहरे पर कई वार कर हत्या की गई। क्रमशः पहले पत्नी, फिर बेटी, उसके बाद बीच-बचाव में आई बुजुर्ग मां और अंत में पिता की हत्या की गई। चारों के चेहरे और सिर पर गंभीर चोटों के निशान मिले।
मृतक पिता डॉ. गंगा सिंह शाक्य पिछले दो वर्षों से कैंसर से जूझ रहे थे और उनका इलाज चल रहा था। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने सबूत मिटाने के इरादे से पिता की भी हत्या की।
डीआईजी ने बताया कि वारदात के बाद कमल सिंह ने घर में खून के छींटे साफ किए और मेडिकल स्टोर चला गया। वह खुद भी आत्महत्या करने का विचार कर रहा था, लेकिन तभी उसकी बड़ी बेटी लक्ष्मी का फोन आ गया और उसने उसे बुला लिया।
हत्या के बाद आरोपी पुलिस को लगातार गुमराह करता रहा। उसने बताया कि वह दोपहर में खाना खाने घर आया था और उस वक्त सबकुछ सामान्य था। उसने दावा किया कि घर से निकलते समय सभी लोग जीवित थे।
बाद में जब उसका बेटा स्कूल से लौटा, तो घर के अंदर का भयावह मंजर देखकर उसकी चीख निकल गई। शोर मचाने पर आसपास के लोग पहुंचे, तब जाकर हत्याकांड का खुलासा हुआ।
पुलिस ने बताया कि आरोपी का अब तक कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला है। मामले की विस्तृत जांच के लिए चार सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है, जिसमें सीओ सिटी भी शामिल हैं।
Published on:
20 Jan 2026 07:58 pm
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