
Etawah Story teller beating case इटावा में कथावाचक की पिटाई के बाद उठा विवाद शांत होने के नाम नहीं ले रहा है। आज ब्राह्मण महासभा ने बैठक और प्रेस वार्ता करके करने जा रही थी। जिसके माध्यम से वह अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाना चाहती थी। इसके पहले ही क्षेत्राधिकारी ने ब्राह्मण महासभा के पदाधिकारी से मुलाकात की और उन्हें अब तक भी कार्रवाई के विषय में बताया। इसके साथ ही ब्राह्मण महासभा के मांग पत्रों के विषय में भी चर्चा हुई। ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि क्षेत्राधिकारी ने उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद आज की प्रेस वार्ता स्थगित कर दी गई है।
उत्तर प्रदेश के इटावा के दादरपुर गांव में कथावाचकों के साथ मारपीट की घटना हुई थी। जिन पर ब्राह्मण समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि परीक्षित बनी महिला के साथ छेड़खानी की गई। यही नहीं कथा वाचक अपनी जाति छुपा कर भागवत कथा पढ़ने आए थे। जिनके पास फर्जी आधार कार्ड भी मिला। जिसमें नाम बदला हुआ था। इस पर कथा वाचकों के साथ अभद्रता की गई। उनके बाल, चोटी काट दी गई।
परीक्षित बनी महिला का पैर जबर्दस्ती पर छुहाया गया। जिसका वीडियो सामने आने के बाद काफी बवाल हुआ। मामले ने तब और जोर पकड़ लिया। जब अखिलेश यादव ने कथा वाचकों को लखनऊ कार्यालय बुलाकर सम्मानित किया। अहीर रेजिमेंट के लोगों ने बकेवर थाना में जमकर पथराव किया। इस दौरान पुलिस की गाड़ियों को भी तोड़ा गया।
इन सबके बीच आज ब्राह्मण महासभा ने घटना में हुई कार्रवाई और अपनी मांगों को लेकर प्रेस वार्ता बुलाई थी। लेकिन उसे स्थगित कर दिया गया। ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण दुबे ने बताया कि क्षेत्राधिकारी अजय नारायण राय ने पदाधिकारियों से मुलाकात कर आश्वासन दिया की निष्पक्ष जांच हो रही है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अब तक 36 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिनमें सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने वाले, बकेवर थाना में उपद्रव करने वाले भी शामिल हैं। क्षेत्राधिकारी से हुई बातचीत के बाद प्रेस वार्ता और बैठक स्थगित की जाती है।
Updated on:
6 Jul 2025, 3:43 PM IST
Published on:
6 Jul 2025, 3:43 PM IST
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