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नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर नया दावा, मौत से जुड़ी फाइल 100 सालों के लिए बंद

इतिहासकार जेबीपी मोर के मुताबिक बोस के परिवार से जुड़े लोगों या भारत सरकार को फ्रांस सरकार से इस एक फाइल को खोलने की मांग करनी चाहिए।

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ashutosh tiwari

Dec 01, 2017

subhash chandra bose,azad hind fauj

नई दिल्ली. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़ी एक महत्वपूर्ण फाइल अगले 100 वर्षों के लिए बंद हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पेरिस के एक जाने-माने इतिहासकार जेबीपी मोर ने दावा किया है कि फ्रांस के राष्ट्रीय अभिलेखाकार प्रशासन ने नेताजी से जुड़ी एक महत्वपूर्ण फाइल देने से इनकार कर दिया है। मोर ने कहा कि जवाब मिला है कि फाइल 100 वर्षों के लिए बंद है।

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सच छिपाने की कोशिश : मोर
मोर ने कहा, वर्षों की रिसर्च के बाद, मैं इस बात की पुष्टि कर सकता हूं कि बोस की मौत साइगॉन में हुई। फ्रेंच अधिकारियों के पत्र से मैं चकित रह गया कि उन्होंने इस अहम फाइल को देखने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इससे मेरी धारणा और भी मजबूत हुई है कि सितंबर 1945 में साइगॉन में ही बोस ने अंतिम सांस ली, यही वजह है कि इस फाइल को गुप्त रखा जा रहा है।

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परिवार के लोग और सरकार करे मांग
मोर पैरिस के एक कॉलेज में पढ़ाते हैं। उन्होंने कहा है कि बोस के परिवार से जुड़े लोगों या भारत सरकार को फ्रांस सरकार से इस एक फाइल को खोलने की मांग करनी चाहिए।

तीन कमीशन
नेताजी की मृत्यु के रहस्य से पर्दा उठाने के लिए भारत सरकार ने तीन कमीशन (शाह नवाज कमेटी, खोसला कमीशन, मुखर्जी कमीशन) का गठन किया। इसके बाद सरकार इस निर्णय पर पहुंची कि नेताजी की मौत प्लेन कैश में ही हुई थी।

फाइल सार्वजनिक
इस वर्ष जनवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित नेशनल आर्काइव्स में नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी फाइलें पहली बार सार्वजिनक की। इसके बाद से कई फाइलें सार्वजनिक की जा चुकी हैं।

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