
रोम। इटली के प्रधानमंत्री पाओलो गेंटिलोनी ने मंगलवार को कहा कि उनका देश सीरियाई सेना द्वारा राष्ट्रपति बशर अल असद का तख्तापलट किए जाने का समर्थन नहीं करता। गेंटिलोनी ने यह बयां देश की संसद में दिया है। इन्होने सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि, "हमने अपने सहयोगियों को स्पष्ट कर दिया है कि हम सैन्य कार्रवाई के खिलाफ हैं। हम मानते हैं कि तानाशाह असद को ताकत के बल पर हटाकर संघर्ष खत्म नहीं किया जा सकता।" गेंटिलोनी ने कहा, "हम एक भयानक युद्ध और एक भयानक शासन की त्रासदी झेल रहे हैं, लेकिन फिर भी इस तानाशाह शासन के साथ बातचीत जरूरी है।"
बता दें कि इटली ने इससे पहले डौमा पर सात अप्रैल को हुए कथित रासायनिक हमले के बाद शनिवार को सीरिया के तीन सरकारी ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के हमले का समर्थन किया था। अब इटली के रुख में यह परिवर्तन चौंकाने वाला है। माना जा रहा है कि बीते एक सप्ताह में आया यह परिवर्तन रूस द्वारा किये जा रहे राजनयिक प्रयासों का नतीजा है। सीरिया युद्ध को लेकर रोज बनते वैश्विक समीकरणों के मद्देनजर इटली के रुख में यह परिवर्तन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इटली ने माना, सीरिया में रूस की भूमिका महत्वपूर्ण
इटली के प्रधानमंत्री पाओलो जेंटिलोनी ने कहा है कि रूस दमिश्क का एक महत्वपूर्ण सहयोगी है और सीरिया के विनाशकारी संघर्ष को खत्म करने और युद्धग्रस्त देश में शांति लाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका है। जेंटिलोनी ने इटली के निम्न सदन को संबोधित करते हुए कहा, "हम रूस को अमेरिका, ईरान, अरब विश्व और यूरोप के साथ शांति वार्ता में अपनी भूमिका निभाने का आमंत्रण देते हैं।" इतावली प्रधानमंत्री ने रूस के सीरिया में योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि कहा कि, "यह एक रास्ता है जिसपर हमें हर किसी की मदद के साथ चलने की जरूरत है और यहां रूस का योगदान महत्वपूर्ण है।"
Published on:
18 Apr 2018 11:15 am

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