
टेरर फंडिंग: सऊदी अरब को काली सूची में डालने वाले EC के प्रस्ताव को EU ने किया खारिज
नई दिल्ली। मनी लॉन्डरिंग और टेरर फंडिंग के मुद्दे पर सऊदी अरब को काली सूची में डालने को लेकर यूरोपीय आयोग (ईसी) के प्रस्ताव को यूरोपियन यूनियन (ईयू) के सदस्य देशों ने एकमत से खारिज कर दिया। जबकि ईसी के प्रस्ताव पर अमल के लिए उसका बहुमत से पास होना जरूरी होता है। बता दें कि ईसी ने फरवरी में ईयू के सदस्य देशों के समक्ष यह प्रस्ताव रखा था।
पारदर्शी और विश्वसनीय नहीं
ईयू के सदस्य देशों ने शुक्रवार को मतदान के समय कहा कि सऊदी अरब को काली सूची में डालने वाला प्रस्ताव पारदर्शी और विश्वसनीय नहीं है। टेरर फंडिंग में शामिल देशों की सूची छोटी है। ईसी की ओर से तैयार प्रस्ताव के मुताबिक उन देशों को काली सूची में डाला जा सकता जो ईयू को कंपनी के स्वामित्व, संदिग्ध लेन-देन और उपभोक्ता सेवाओं की जिम्मेदारियों के बारे में जरूरी जानकारी मुहैया नहीं कराएंगे। काली सूची में शमिल देशों पर आर्थिक प्रतिबंध न लगाकर यूरोपियन बैंकों से कहा जाएगा कि वो इन देशों व संगठनों के लेनदेन पर कड़ी नजर रखें।
ईसी के प्रस्ताव में 23 देश शामिल
मनी लॉन्डरिंग और टेरर फंडिंग को लेकर पहली बार यूरोपियन कमिशन ने फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स के लिए अलग—अलग मानदंडों वाला प्रस्ताव पेश किया है। मतदान के लिए ईयू के सामने पेश प्रस्ताव में ईसी ने अमरीकन समोआ, यूएस वर्जिन आइलैंड, प्यूर्टो रिको और गुआम सहित 23 देशों का नाम शामिल किया है।
Updated on:
02 Mar 2019 03:50 pm
Published on:
02 Mar 2019 02:44 pm

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