
बड़ी खबर: अध्यादेश नहीं संसद में प्राइवेट बिल लाकर राम मंदिर बनाएगी बीजेपी
अनूप कुमार
अयोध्या : अयोध्या में राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद विवादित स्थल पर राम मंदिर निर्माण की मांगों को लेकर सुप्रीम कोर्ट से फैसले का इंतजार का हवाला दे रही मोदी सरकार के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है | अभी तक पूरे देश में कानून व्यवस्था और आपसी सौहार्द का तकाजा देकर इस मुद्दे पर गेंद सुप्रीम कोर्ट के पाले में डालने वाली बीजेपी के सामने फिर वही समस्या सामने आ खड़ी है जो 29 अक्टूबर से पहले थी | इस मुद्दे को लेकर 29 अक्टूबर की सुनवाई में तीन जनों की विशेष अदालत ने इस मामले में जल्दबाजी ना दिखाते हुए लंबी तारीख दे दी है | वही फिर से अब भारतीय जनता पार्टी का वो वोटर जो यह सोचकर अब तक बीजेपी को वोट करता आया है कि भाजपा की सरकार में अयोध्या में राम मंदिर बनेगा और गाहे बगाहे अपने लाखों करोड़ों समर्थकों के साथ भाजपा के लिए जनाधार तैयार करने वाले उन साधु-संतों को समझा पाना भाजपा के लिए मुश्किल हो रहा है जो राम मंदिर को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर लगातार दबाव बनाते चले आ रहे हैं | क्योंकि साल 2019 का लोकसभा चुनाव बेहद करीब है ,ऐसे में भाजपा के वोट बैंक का एक बड़ा तबका और साधु संत लगातार अयोध्या में राम मंदिर के मुद्दे पर भाजपा से पहल की मांग कर रहे हैं | राम मंदिर मुद्दे पर अध्यादेश लाने के दबाव के बीच भाजपा के दो बड़े नेताओं ने शीतकालीन सत्र में प्राइवेट मेंबर बिल लाने की बात कहनी शुरू कर दी है जिसके जरिए ही राम मंदिर का निर्माण कराने का दावा किया जा रहा है |
प्राइवेट बिल संसद में लाकर राम मंदिर की खिलाफत करने वाले दलों को सामने लाना चाहती है बीजेपी जिस से मिल सके 2019 चुनाव में फायदा
बीजेपी के राज सभा सांसद राकेश सिन्हा और सीपी ठाकुर ने शीतकालीन सत्र में राम मंदिर मुद्दे पर एक प्राइवेट बिल लाने की बात कही है | खास बात यह है कि मौजूदा हालात में राम मंदिर मुद्दे पर अध्यादेश लाने को लेकर एनडीए के 2 बड़े समर्थक दलों में अकाली दल और जेडीयू ने पहले ही हाथ खड़े कर दिए हैं | ऐसे में राम मंदिर मुद्दे पर अध्यादेश लाना बीजेपी के लिए टेढ़ी खीर है | इस स्थिति में प्राइवेट बिल के जरिए ही भारतीय जनता पार्टी राम मंदिर मुद्दे पर अपने उन मतदाताओं और साधु-संतों को साधने की कोशिश करने जा रही है जो 2019 के चुनाव में भाजपा का साथ देने को तैयार नहीं है | दिलचस्प बात यह है कि भाजपा के सियासी जानकारों ने प्राइवेट बिल के नाम का एक ऐसा तीर छोड़ने जा रही है जिसमें इस बिल को संसद में पेश करने के बाद गेंद फिर विपक्ष के पाले में चली जाएगी और राम मंदिर के नाम पर समर्थन और विरोध करने वाले दल सामने आ जाएंगे | जाहिर तौर पर भाजपा 2019 चुनाव में राम मंदिर का विरोध करने वाले राजनैतिक दलों का नाम अपने मंच से चिल्ला चिल्ला कर लेगी | एक बार फिर से राम मंदिर के नाम पर भाजपा को फायदा मिल सकता है | यही वजह है कि राम मंदिर को लेकर भाजपा प्राइवेट बिल में अपना सियासी फायदा देख रही है |
50 वर्षों में नहीं पास हुआ एक भी प्राइवेट बिल आखिर कैसे राम मंदिर के लिए कारगर होगा ये बिल
राम मंदिर बाबरी मस्जिद मुद्दा सिर्फ मुकदमा नहीं बल्कि एक ऐसा विवाद है जिसका असर सिर्फ अयोध्या नहीं भारत नहीं बल्कि पूरी दुनिया में है | सन 1992 में जब विवादित ढांचा गिरा था उस समय भी इस घटना की चर्चा पूरी दुनिया में हुई थी और तब से लेकर आज तक उस स्थान पर मंदिर का निर्माण हो यह वह जमीन मस्जिद की थी इसका फैसला नहीं हो पाया है | 2019 चुनाव से पहले भाजपा ने इस मुद्दे पर प्राइवेट बिल के नाम का एक शिगूफा छोड़ दिया है | ऐसे में सवाल ही भी खड़ा हो गया है कि भाजपा का यह तीर कितना कारगर है | चौंकाने वाली बात यह भी है कि बीते 50 वर्षों में एक भी प्राइवेट बिल पास नहीं हुआ है | ऐसे में इस बिल की प्रासंगिकता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं | संसद में लाया जाने वाला प्राइवेट बिल भी आम बिल की तरह ही होता है | जिसे संबंधित मंत्रालय के मंत्री नहीं बल्कि कोई अन्य सांसद पेश करता है | जिसके बाद नियमानुसार इस बिल पर भी संसद पर चर्चा होती है | यदि लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों से यह बिल पास होता है तो देश के राष्ट्रपति के सामने अनुमति के लिए जाता है और अनुमति के बाद यह बिल एक कानून बन कर अपना कार्य करता है | लेकिन बेहद दिलचस्प बातें भी है कि भारत में अंतिम बार सन 1968 में निर्दलीय सांसद आनंद नारायण मुलु का सुप्रीम कोर्ट बिल लोकसभा से पास हुआ था जो 1970 में राज्यसभा से पास हुआ | अभी गौर करने वाली बात है कि उसके बाद 50 सालों में कोई भी प्राइवेट बिल राजसभा से और लोकसभा से पास नहीं हो सका | बीती लोकसभा में अकेले 600 से ऊपर प्राइवेट में पेश किए गए लेकिन उनमें सिर्फ 50 पर ही चर्चा हुई और वह 50 भी पास नहीं हुए ऐसे में यह बिल कितना कारगर है यह भी बड़ा सवाल है |
Published on:
09 Nov 2018 01:46 pm
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