
सेंट्रल शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी
अयोध्या . राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद मामले पर सुलह की पटकथा लिखने के लिए सेंट्रल शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी इस समय अयोध्या में है . वसीम रिजवी ने सभी हिंदू पक्षकारों से मुलाकात कर सुलह की नीति पर काम करना शुरु कर दिया है . सेंट्रल शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने स्पष्ट कर दिया है कि अयोध्या में राम मंदिर ही बनना चाहिए.अयोध्या में मंदिरों के बीच मस्जिद का कोई औचित्य नहीं है इसलिए मस्जिद अयोध्या के बाहर कहीं मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में बने.सेंट्रल शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने कहा कि मीर बाकी शिया था उसने जो हरकत की उस पर शिया समुदाय शर्मिन्दा हो रहा ही साथ ही उन्होंने ये भी स्पष्ट कर दिया कि 71 साल बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में दावा नहीं अपील दायर की है और इस अपील के लिए लिमिटेशंस एक्ट शिया वक्फ बोर्ड पर लागू नहीं होता. वसीम रिजवी ने हिंदू पक्षकार महंत धर्मदास और निर्मोही अखाड़ा के महंत भास्कर दास व उनके प्रतिनिधि महंत राम दास से मुलाकात की और अपने विचार रखे .
शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने कहा शिया समुदाय जल्द चाहता है बने राम मंदिर
अयोध्या पहुंचे सेंट्रल शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने RSS के प्रचारक महिरध्वज के साथ सभी हिंदू पक्षकारों से मुलाकात कर राम मंदिर निर्माण पर पटकथा लिखना शुरु कर दिया है. इस कड़ी में कल उन्होंने राम मंदिर निर्माण आंदोलन के पुरोधा रहे स्वर्गीय परमहंस के शिष्य और दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास से मुलाकात की थी.आज इसी कड़ी में हिंदू पक्षकार महंत धर्मदास और निर्मोही अखाड़ा के महंत भास्कर दास व उनके प्रतिनिधि महंत राम दास से मुलाकात कर राम मंदिर निर्माण पर सकारात्मक पहल की. उन्होंने कहा कि उन्होंने 71 साल बाद सुप्रीम कोर्ट में दावा दाखिल नहीं किया है बल्कि अपील दायर की है और देरी की वजह लिमिटेशन एक्ट शिया वक्फ बोर्ड पर लागू नहीं होता इसलिए वक्फ बोर्ड किसी भी समय अपील कर सकता है और सुप्रीम कोर्ट ने अपील को मान भी लिया है और उस पर सुनवाई भी करेगा .
सेंट्रल शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने कहा मंदिर मस्जिद के नाम पर हिन्दू मुसलमान को लड़ाने के लिए पाकिस्तान से हो रही है फंडिंग
वसीम रिज़वी ने कहा कि हिंदू मुस्लिम को लड़ाने के लिए मुस्लिम देशों पाकिस्तान सऊदी अरब से फंडिंग की जा रही है लेकिन यहां की मुसलमानों को समझ में नहीं आ रहा है कि हमें आपस में लड़ाया जा रहा है.वसीम रिजवी ने स्पष्ट कर दिया कि अयोध्या मंदिरों का शहर है और मंदिरों के बीच मस्जिद का कोई मतलब नहीं है. मस्जिद अयोध्या के कहीं बाहर मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में बनाई जाए.अयोध्या में जितने मुस्लिम हैं उन्हें नमाज पढ़ने के लिए उतनी मस्जिदे मौजूद हैं लिहाजा मस्जिद अयोध्या में नहीं कहीं बाहर बने.दूसरी तरफ निर्मोही अखाड़ा ने शिया वक्फ बोर्ड के इस पहल का स्वागत किया है निर्मोही अखाड़ा के प्रतिनिधि राम दास ने कहा कि जब कोई एक मुसलमान इस तरह की पहल को लेकर चलता है तो देश उसका स्वागत करता है और इस पहल का निर्मोही अखाडा भी उसका स्वागत कर रहा है .वही शिया वक्फ बोर्ड और हिंदुओं के बीच सेतु का काम कर रहे RSS के प्रचारक मिहिरध्वज ने कहा कि आरएसएस के इंद्रेश जी का आदेश है कि समाज सेवा के साथ-साथ ईश्वर का भी काम किया जाए तो इस पर काम चल रहा है इसमें RSS की भी सहमति शामिल है .
Updated on:
03 Sept 2017 07:09 pm
Published on:
03 Sept 2017 04:10 pm
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