
हिंगलाज माता जयंती : हिंदू, मुस्लिम सब टेकते हैं माता के दरबार में मत्था, भर जाती है सबकी झोली
प्रतिवर्ष चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को माँ हिंगलाज की जयंती मनाई जाती है। इस साल 2020 में 22 मार्च दिन रविवार को हिंगलाज माता की जयंती पर्व है। हिंदू धर्म का भव्य माता हिंगलाग का मंदिर पाकिस्तान के बलूचिस्तान राज्य के हिंगलाज में हिंगोल नदी के किनारे पर स्थापित है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यहां हिंदू श्रद्धालु से ज्यादा मुस्लिम धर्म के श्रद्धालु मत्था टेकने जाते हैं। मान्यता है की यहां आने वाले भक्तों की सभी कामनाएं पूरी हो जाती है।
पाकिस्तान स्थित हिंगलाज मन्दिर के बारे में कहा जाता है यह मंदिर देवी माँ के 21 सिद्ध शक्तिपीठों में से एक शक्तिपीठ है। यहां विराजन माता को हिंगलाज माता और हिंगुला देवी के नाम से भी पूजा जाता है। हिंगलाज माता के इस मन्दिर को नानी मन्दिर के नामों से भी जाना जाता। जहां हिंगलाज गुफा बनी है, वहां पर शिव, पार्वती एवं गणेश नामक तीन ज्वालामुखी भी है।
शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि पाकिस्तान स्थित हिंगलाज माता के इस मंदिर में त्रेतायुग में भगवान राम ने भी दर्शन किए थे। भगवान राम के अलावा माता हिंगलाज के इस मंदिर में गुरु गोरखनाथ, गुरुनानक देव, दादा मखान जैसे कई और आध्यात्मिक संत भी दर्शन करने गए थे। हिंगलाज माता के मंदिर के आस-पास, गणेश देव, माता काली, गुरुगोरख नाथ दूनी, ब्रह्म कुध, तिर कुण्ड, गुरुनानक खाराओ, रामझरोखा बेठक, चोरसी पर्वत पर अनिल कुंड, चंद्र गोप, खारिवर और अघोर पूजा जैसे कई अन्य पूज्य स्थल हैं।
विशेषकर नवरात्रि के दिनों में हिंगलाज माता मंदिर में लगभग हजारों श्रद्धालु 500 किमी की कठिन पैदल यात्रा करके सभी धर्मों के माता का आशीर्वाद लेने आते हैं। हिंगलाज मंदिर में माता हिंगलाज एक शिला के रूप में विराजमान है, माता के इस भव्य मंदिर में एक भी दरवाजा नहीं लगा है। इस मंदिर में हिंदू श्रद्धालु से ज्यादा मुस्लिम श्रद्धालु अपनी खाली झोली भरने के लिए माता का आशीर्वाद लेने आते हैं।
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Updated on:
21 Mar 2020 04:05 pm
Published on:
21 Mar 2020 04:00 pm
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