मां दुर्गा की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र २१ सितम्बर से मनाया जाएगा। इस बार पूरे नौ दिन के नवरात्र होंगे
मां दुर्गा की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र २१ सितम्बर से मनाया जाएगा। इस बार पूरे नौ दिन के नवरात्र होंगे। नौ दिन देवी के भक्त मां की आराधना व अनुष्ठान करेंगे। खास बात यह है कि नौ में से छह दिन शुभ संयोग रहेंगे। २९ सितम्बर को नवमी व ३० को दशहरा मनाया जाएगा। पंडित दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि इस बार नवरात्र में कोई घटत-बढ़त नहीं है, जो कि शुभ संयोग हैं। नौ दिनों पर अनुष्ठान चलेंगे।
इन दिनों में देवी का आराधना करने वालो के लिए विशेष फलदायी साबित होंगे। वहीं शुभ संयोग नए कार्यों की शुरुआत करने के लिए अच्छे हैं। इन योगों में किए गए कार्यों की सिद्धी होती है। खरीदारी के लिहाज से भी ये दिन शुभ रहेंगे। वहीं विययादशमी या दशहरा ३० को सर्वार्थ सिद्धी व रवि योग में मनाया जाएगा।
नवरात्र स्थापना का शुभ समय
शास्त्रों के अनुसार नवरात्र स्थापना प्रात: काल में ही की जाती है। २१ को सुबह ६.१८ बजे से ७.४९ बजे तक द्विस्वभाव कन्या लग्न व शुभ का चौघडिया में स्थापना का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त है। इसके साथ ही अभिजीत मुहूर्त में दोपहर ११.५६ बजे से १२.४४ बजे तक भी स्थापना का शुभ मुहूर्त है।
किस दिन कौनसा योग - तारीख योग - समय
२२ सितम्बर राज योग सुबह ६.१९ से रात १२.३८ तक
२३ सितम्बर सर्वार्थ सिद्धी व रवि योग सुबह ६.१९ से रात २.१५
२५ सितम्बर रवि व सर्वार्थ सिद्धी सुबह ४.२६ संपूर्ण दिन-रात
२६ सितम्बर रवि योग सुबह ७.०३ मिनट तक
२७ सितम्बर रवि सुबह ६ से सुबह ९.५७ तक
२९ सितम्बर रवि दोपहर ३.४८ मिनट से
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस समय किए गए पूजा-पाठ का अनंत गुना फल मिलता है। इन नौ दिनों में मां भगवती की आराधना की जाती हैं और उन्हें मंत्र, तंत्र तथा तपस्या के द्वारा प्रसन्न किया जाता है। नवरात्रि में कुछ लोग अपनी मनोकामना पूर्ति हेतु विभिन्न प्रकार के तंत्र अनुष्ठान भी करते हैं जो उनकी इच्छा को पूर्ण करते हैं।