20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

क्या वे अब वापस लौटना चाहेंगे? कश्मीरी पंडितों की अपने घरों में वापसी पर बोले फारूक अब्दुल्ला

"क्या कश्मीरी पंडित घाटी लौट सकते हैं? फारूक अब्दुल्ला बोले- कोई नहीं रोक रहा। 19 जनवरी 'विस्थापन दिवस' पर पंडितों के पुनर्वास को लेकर हुई खास बातचीत।"

less than 1 minute read
Google source verification
Farooq Abdullah

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला (Photo/ANI)

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि विस्थापित कश्मीरी पंडितों का अपने घरों में लौटने के लिए हमेशा स्वागत है। घाटी में उनका पूरा हक है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर संदेह जताया कि क्या पंडित अब वापस लौटना चाहेंगे, क्योंकि वे देश के अन्य हिस्सों में नई जिंदगी बसा चुके हैं। उनके बच्चे नौकरी और शिक्षा में व्यस्त हैं।

फारूक ने कहा, 'वे कब लौटेंगे? उन्हें कौन रोक रहा है? कोई भी उन्हें रोक नहीं रहा। उन्हें वापस आना चाहिए, क्योंकि यह उनका घर है। कई कश्मीरी पंडित आज भी घाटी में रह रहे हैं और उन्होंने अपने गांव नहीं छोड़े हैं।' उन्होंने दोहराया कि कश्मीरी पंडित समुदाय का कश्मीर में हमेशा स्थान रहा है और रहेगा, लेकिन उनकी वापसी का फैसला उसी समुदाय को करना होगा।

कश्मीरी पंडितों द्वारा पुनर्वास नीति की मांग पर अब्दुल्ला ने कहा, "मेरे कार्यकाल में, मैंने वादा किया था कि हम उनके लिए घर बनाएंगे, लेकिन फिर हमारी सत्ता चली गई। अब दिल्ली (केंद्र सरकार) को इसे देखना है।"

19 जनवरी को होलोकॉस्ट रिमेंबरेंस डे मनाते हैं कश्मीरी पंडित

आपको बता दें कि कश्मीरी पंडित 19 जनवरी को 'होलोकॉस्ट रिमेंबरेंस डे या विस्थापन दिवस' के रूप में मनाते हैं। यह 1990 में घाटी से उनके सामूहिक पलायन की याद में मनाया जाता है, जब पाकिस्तान समर्थित चरमपंथियों ने अल्पसंख्यक समुदाय को धमकाया था, जिसके कारण उन्हें भागने पर मजबूर होना पड़ा था।