
होटल में टॉयलेट करने के बाद इस शख्स को मिली एेसी चीज कि रह गया सन्न
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी होटल और रेस्टोरेंट्स को आम लोगों को टॉयलेट और पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दे रखे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश लोगों को जरुरी सुविधाएं पाने के अधिकार के तहत दिए हैं। लेकिन लोगों की सुविधा के लिए दिया गया यह अधिकार कई बार उनके लिए मुसीबत बन जाता है। एेसा ही एक मामला तमिलनाडु में सामने आया है, जहां एक शख्स को टॉयलेट के बदले रेस्टोरेंट ने बिल थमा दिया। इतना ही नहीं इस बिल में रेस्टोरेंट ने जीएसटी और टॉयलेट का पार्सल चार्ज भी जोड़ दिया। हालांकि यह बिल इतना ज्यादा नहीं था कि वह शख्स इसे अदा नहीं कर सके, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या किसी होटल या रेस्टोरेंट को टॉयलेट जैसे जरुरी काम के बदले में बिल चार्ज करना चाहिए?
बेंगलुरू के रेस्टोरेंट का है मामला
दरअसल सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत कुछ माह पहले बेंगलुरु के रेस्टोरेंट्स में लोगों को वॉशरूम की सुविधा देने के अनिवार्य कर दिया गया था। इसके लिए रेस्टोरेंट्स की ओर से नाममात्र शुल्क लेने की बात कही गई थी। लेकिन एक रेस्टोरेंट ने वॉशरूम के इस्तेमाल के बदले बाकायदा बिल बना दिया। इतना ही नहीं, इस रेस्टोरेंट ने इस बिल में जीएसटी और पार्सल चार्ज भी जोड़ दिया। रेस्टोरेंट की ओर से एक शख्स से वसूला गया यह बिल सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।
पेशाब करने के बदले थमाया 11 रुपए का बिल
दरअसल बीती 26 जनवरी को बेंगलुरु के एक शख्स ने एक रेस्टोरेंट में पेशाब करने के लिए वॉशरूम का इस्तेमाल किया। पेशाब करने की एवज में रेस्टोरेंट ने इस शख्स को 11 रुपए का बिल थमा दिया। 11 रुपए के इस बिल में 10 रुपए पेशाब करने के लिए, 50 पैसे पार्सल चार्ज और 50 पैसे जीएसटी के रूप में शामिल थे। रेस्टोरेंट ने जिस शख्स को यह बिल दिया है, उसने इस बिल की फोटो सोशल मीडिया में शेयर कर दिया है।
स्वच्छ भारत अभियान को झटका
एक ओर देश में सार्वजनिक शौचालयों की कमी बड़ी समस्या है, दूसरी ओर रेस्टोरेंट जैसी जगहों पर वॉशरूम के इस्तेमाल पर जीएसटी देना पड़ा रहा है। इसे पीएम मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को झटका माना जा रहा है। वॉशरूम के इस्तेमाल के बदले 11 रुपए का भुगतान करने वाले शख्स ने बिल का फोटो शेयर करते हुए लिखा है कि यदि इस प्रकार से जरूरी सेवाओं पर भी जीएसटी जोड़ा जाने लगा तो देश के लोग बर्बाद हो जाएंगे। इस शख्स की ओर से शेयर किए गए बिल में पार्सल चार्ज, सीजीएसटी और एसजीएसटी के रूप में ली गई राशि साफतौर पर देखी जा सकती है।
Published on:
27 Jul 2018 01:08 pm
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