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फिरोजाबाद। क्रिकेट में इंडिया टीम के जीतने पर लाखों, करोड़ों रुपए के इनाम सरकार द्वारा खिलाड़ियों को दिए जाते हैं, जबकि अन्य खेलों के खिलाड़ियों के अक्सर मायूसी हाथ लगती है। कुछ ऐसी ही कहानी है गोल्ड मेडलिस्ट नीरज मिश्रा की। नीरज ने पावर लिफ्टिंग में स्टेट लेवल में गोल्ड मेडल जीतकर पूरे देश का नाम रोशन किया। अब विश्व चैंपियनशिप प्रतियोगिता खेलने के लिए मदद की आस लगाए है।
छोटे से गांव की रहने वाली है महिला खिलाड़ी
बछगांव फिरोजाबाद निवासी नीरज मिश्रा पुत्री श्रीकिशन मिश्रा गोल्ड मेडल जीतने के बाद भी आर्थिक स्थिति से गुजर रही है। सरकार से मदद की आस में महिला खिलाड़ी के सपने पूरे नहीं हो पा रहे हैं। प्रदेश का नाम रोशन करने वाली गोल्डन गर्ल ने बताया कि 28 से 30 जून तक केडी सिंह बाबू स्टेडियम में उत्तर प्रदेश पावर लिफ्टिंग एसोसिएशन के तत्वाधान में संपन्न सीनियर यूपी पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप में प्रतिभाग किया था। 72 किलो भार वर्ग में प्रदेश भर में अव्वल रही थीं। उनके दिलों और दिमाग में केवल गोल्ड लाने की तमन्ना थी। इसी जज्बे को लेकर जनवरी 2018 में नागपुर में हुए जूनियर पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर उन्होंने गोल्ड और सिल्वर मेडल जीते। उसके बाद 11-12 अगस्त 2018 में हरिद्वार में हुए सीनियर चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर शहर और प्रदेश का नाम रोशन किया था।
आस्ट्रेलिया में होनी है विश्व चैंपियनशिप
ऑस्ट्रेलिया में होने वाली विश्व चैंपियनशिप में खेलने के लिए नीरज मिश्रा का नाम चयनित किया गया है, लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति आड़े आ रही है। उन्होंने बताया कि उनके पिता किसान हैं और विदेश भेजने के लिए इतनी बड़ी रकम की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। ऐसे में लोगों की मदद के बिना वह ऑस्ट्रेलिया नहीं जा पाएंगी। इससे पूर्व वह कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी हैं। चैंपियनशिप में भाग लेने और जीतने में उनके कोच सीमा पांडे का बहुत बड़ा योगदान है।
ये हैं परिवार में
पावर लिफ्टिंग खिलाड़ी नीरज मिश्रा छह भाई-बहन हैं। इनमें बड़ी बहन ममता जिनकी शादी नारखी क्षेत्र में हुई है। दूसरी बहन साधना शर्मा जिनकी ससुराल आगरा में है। तीसरे नंबर की नीरज हैं। भाइयों में दयाशंकर, गिरजाशंकर और बृजमोहन हैं।
Published on:
15 Sept 2018 03:56 pm
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