16 मई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मैच देखना चाहती थी ये महिला, स्‍टेडियम में लड़कों के कपड़े पहन पहुंची पुलिस ने किया गरफ्तार

मैच देखने के कारण किसी को इतनी बड़ी सजा भी मिल सकती है। ईरान में महिलाओं के पुरुष एथलीटों के मैच देखने पर प्रतिबंध है। वह सिर्फ महिला एथलीटों के मैच ही स्टेडियम में जाकर देख सकती हैं। गिरफ्तार की गई लड़की ने गिरफ्तारी के बाद अपनी एक तस्वीर इंस्टाग्राम पर पोस्ट की, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

2 min read
Google source verification
iran

मैच देखना चाहती थी ये महिला, स्‍टेडियम में लड़कों के कपड़े पहन पहुंची पुलिस ने किया गरफ्तार

नई दिल्ली। जहां पूरे विश्व में महिलाओं के अधिकारों को लेकर आवाज़ उठाई जा रही है वहीं आज भी कुछ देश हैं जहां महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित रखा जाता है। ऐसा ही कुछ ईरान में हुआ जब एक लड़की फुटबॉल का मैच देखने स्‍टेडियम पहुंची। दरअसल ईरान में साल 1979 में हुई चरमपंथी क्रांति के बाद से महिलाएं स्टेडियम जाकर मैच नहीं देख सकती हैं। ऐसे में एक लड़की मैच देखना चाहती थी और वो लड़कों की तरह कपड़े पहनकर मैच देखने पहुंची थी। लेकिन जब उसे लोगों ने पहचान लिए तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया और जेल भेज दिया गया।

महिला को गिरफ्तार किया गया -
जी हां! सिर्फ मैच देखने के कारण किसी को इतनी बड़ी सजा भी मिल सकती है। ईरान में महिलाओं के पुरुष एथलीटों के मैच देखने पर प्रतिबंध है। वह सिर्फ महिला एथलीटों के मैच ही स्टेडियम में जाकर देख सकती हैं। गिरफ्तार की गई लड़की ने गिरफ्तारी के बाद अपनी एक तस्वीर इंस्टाग्राम पर पोस्ट की, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस तस्वीर में गिरफ्तार की गई लड़की एक पुलिस वैन में बैठी दिखाई दे रही है। जैनब नाम की इस लड़की ने इंस्टाग्राम पर बहुत सी तस्वीरें शेयर की है। वे लड़के के भेष में कैप पहना है और अपने मुंह को एक कपड़े से ढक कर खड़ी हैं। इस मामले में इस साल मार्च से अब तक करीब 35 महिलाओं को फुटबॉल मैच देखने के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि अब इस नियम का जमकर विरोध हो रहा है।

लम्बे समाय से चल रहा है संघर्ष -
बता दें ईरान अपने इन बेतुके नियमों को लेकर पहले भी सुर्ख़ियों में रह चुका है। ऐसा नहीं है कि ईरान में महिलाओं के सिर्फ स्टेडियम में मैच देखने पर ही प्रतिबंध है, बल्कि वहां पर महिला एथलीटों का हिजाब में रहना अनिवार्य है। इतना ही नहीं ईरान की सरकार ने तो अन्य देशों की महिला एथलीटों को भी हिजाब में ही खेलने का फरमान सुना दिया था। जिसके बाद ईरान को काफी आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा था। ईरान के इस फैसले के चलते भारतीय सतरंज खिलाड़ी सौम्या स्वामीनाथन यहां आयोजित चैंपियनशिप में हिस्सा लेने से मन कर दिया था। ईरान में महिलाएं लंबे समय से स्टेडियम में मैच देखने की लड़ाई लड़ रही हैं। कुछ मानवाधिकार कार्यकर्ताओँ के एक समूह ने 2018 फीफा वर्ल्ड कप के दौरान भी ईरान के इस नियम का विरोध किया था और ईरानी महिलाओं को स्टेडियम में मैच देखने की अनुमति देने की मांग की थी।