
Muktikadham craves
गाडरवारा। नगर परिषद साईखेडा का एकमात्र शमशान घाट लगातार शासन-प्रशासन की उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। दस हजार की आबादी वाले नगर के शमशान घाट में मूलभूत सुविधाओं तक का अभाव देखा जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में बेहद बदहाल एवं पिछड़े शमशान घाट तक पहुंचने के लिए न ही सड़क है, न ही जलाऊ लकडी है। वहीं न शमशान घाट की बांउंड्री वाल है। जिससे सीमांकन न होने के कारण अतिक्रमणकारियों ने पैर पसार लिए हैं। नगर की स्वयंसेवी संस्था समाधान लगातार इस स्थल के रखरखाव हेतु अपनी मांग करती आ रही है। लेकिन शासन प्रशासन ने इस ओर बिल्कुल ध्यान नही दिया है। संस्था के अध्यक्ष ब्रजेन्द्र सिंह पटेल, संयोजक वेणीशंकर पटेल, सैयद तैयूब अली, अश्वनी कुमार चौहान, नीरज श्रीवास्तव, मुकेश साहू, भानुप्रताप राजपूत, भाजपा के वरिष्ठ सुरेंद्र कुमार तोमर, नगर कांग्रेस अध्यक्ष नागेंद्र शर्मा, सचिन अग्रवाल, कमल सोनी श्री अग्रवाल आदि ने बाउंड्रीवाल करने और नर्मदा मंदिर से शमशान घाट तक सड़क बनाए जाने की मांग की है। ज्ञात रहे कि पूर्व में मंडी परिसर से शमशान घाट तक पहुंचने का रास्ता था। लेकिन मंडी परिसर की बाउंड्रीवाल हो जाने से वहां से आवाजाही बंद हो गई है। उल्लेखनीय है कि कच्चे रास्ते के चलते बरसात के समय में सडक पर जगह जगह गड्ढे होने के कारण मृतक के परिजनों और अत्येेष्टि में शामिल होने वालों को बेहद परेशानी होगी । बताया जा रहा है कि कुछ मीटर आड़ी तिरछी सड़क बिना नापतौल के शमशान घाट परिसर में बनाई जा रही है। लेकिन संस्था के पदाधिकारियों और नगरवासियों ने मुख्य गेट से सीधे पुलिया तक सड़क बनाए जाने की मांग की है। शासन प्रशासन से जनपेक्षा है कि मुख्य गेट से सीधे पुलिया तक गुणवत्ता वाली सड़क बनाई जाए। जिससे आने जाने वालों को परेशानी न हो सके। वहींं नगारिकों ने प्रशासन को चेताया है यदि समय रहते मांगों को पूरा न किया गया तो जनहित में आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
Published on:
13 Mar 2018 08:38 pm
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