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अकेले लाक डाउन की अवधि बिता रहे यह बुजुर्ग

इस अकेलेपन का क्या करें
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गाडरवारा

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Arun Shrivastava

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Updated: 20 Apr 2020, 3:24 PM IST

अकेले लाक डाउन की अवधि बिता रहे यह बुजुर्ग

इस अकेलेपन का क्या करें

गाडरवारा। लाक डाउन के चलते अनेक लोगों के घर के सदस्य बाहर हैं। ऐसे ही नगर के अनेक लोग गांव के निवासी हैं और उन्होंनें शहर में मकान बना लिए हैं। जहां अपने नाती पोते, बच्चों को स्कूलों में पढ़ाने के लिए निवास करते हैं। इसी तरह नगर के महाराणा प्रतापवार्ड गणेश कॉलोनी में लगभग 70 वर्षीय एडवोकेट ब्रजभान सिंह गोहल अपनी पत्नी भागवती गोहल के साथ अकेले रह रहे हैं। इनके पुत्र बहू एवं पोते उनके पैतृक गांव सूरना में हैं। बीमारी एवं लाक डाउन के चलते न यह गांव जा पा रहे हैं, न ही इनके पास गांव से बच्चे आ पाए हैं। ऐसे में दोनों वृद्ध दंपत्ती अकेले ही गाडरवारा स्थित मकान में लाक डाउन की अवधि गुजार रहे हैं। इन्होंने बताया कि उनका नागपुर का उपचार चलता है। लेकिन लाक डाउन के चलते न तो नागपुर से दवाएं आ सकती हैं न ही यहां मिल रही हैं। ऐसे में किसी प्रकार स्थानीय दवाओं से काम चला रहे हैं। इसके अलावा उन्हे सब्जी लेने, गेहूं पिसवाने, जरूरी सामग्री लाने में भी परेशानी हो रही है। लेकिन साथ ही वह अधिक निश्चिंत भी हैं कि गांव में उनके बाल बच्चे गांव में अधिक सुरक्षित हैं। वह दिन में टीवी देखते या कोई किताब पढ़ते रहते हैं। पुराने दिनों की याद करते हैं, गांव में फोन पर बात करके हालचाल जानते रहते हैं। पड़ोस के लोग मदद को पूछते हैं, इससे अधिक अकेलापन नहीं लगता। देशहित में लाक डाउन भी जरूरी है।