
महिला के एक बेटी के अवैध संबंध दूसरी बेटी के पति के साथ बन गए। उन दोनों को मिलाने के लिए इस महिला ने सारी हदें पर कर दी।
फिंगेश्वर. इस मां ने एकसाथ अपनी 2 बेटियों का घर बर्बाद कर दिया। एक बेटी का सुहाग उजाड़ दिया तो दूसरी के पति को उससे दूर कर दिया। महिला के एक बेटी के अवैध संबंध दूसरी बेटी के पति के साथ बन गए। उन दोनों को मिलाने के लिए इस महिला ने सारी हदें पर कर दी। आइए जानते हैं इस कलयुगी मां के बारे में....
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी को अपनी बीवी की बहन रानू से प्यार हो गया था। जिसके कारण दोनों के बीच अवैध संबंध भी बन चुके थे।साथ ही रानू का पति शैलेन्द्र मारकंडे पैसा व अन्य कारणों से उसके साथ मारपीट कर उसे प्रताडि़त करता था। जिसके कारण वह अपने पति से प्रताड़ित थी।
यादराम के साथ संबध एवं शैलेन्द्र के प्रताडऩा की जानकारी रानू की मां यशोदा धृतलहरे को भी थी। फिर क्या था, चार पांच माह पहले जब यादराम इन लोगों से मिला तो शैलेन्द्र मारकंडे को ठिकाना लगाने के बाद रानू को हमेशा-हमेशा के लिए पत्नी बनाने पर सहमति जताई गई। लेकिन समय नहीं मिलने के कारण यादराम इस कृत्य को अंजाम नहीं दे पा रहा था।
सास एवसाली के दबाव के चलते यादराम ने आखिरकार 29 जून को शैलेंद्र मारकंडे को फोन से फिंगेश्वर आने का निमंत्रण दिया। साढ़ू की बात मानकर शैलेंद्र फिंगेश्वर आ गया। यादराम ने शैलेंद्र के बीयर एवं अपने लिए शराब खरीदा और ग्राम पथर्री मार्ग पर सड़क में बैठकर शराब का सेवन करने लगा। इसी बीच शैलेंद्र को ग्राम पचरी से किसी ने फोन कर पूछा तो वह बताया कि वह अपने साढ़ू के साथ है। इधर बीयर का नशा होते देख 10:30 बजे रात को हत्या के इरादे से यादराम बंजारे ने अपने साथ लाए लोहे के रॉड से सड़क में बैठे हुए शैलेंद्र को पीछे से सिर पर तगड़ा वार किया। इससे शैलेंद्र गिर गया और उसकी मौत हो गई। उसके बाद वह अपने बाइक से फरार हो गया।
भागते समय फिंगेश्वर के सरार नाले मे यादराम ने हत्या मे प्रयोग किए लोहे का राड व खून से सने कपड़े एवं चप्पल को जमाही के जंगल झाड़ी में छिपा दिया। आरोपी के निशानदेही पर लोहे के रॉड सहित कपड़े चप्पल पुलिस ने जब्त कर षडय़ंत्र में शामिल मृतक की पत्नी रानू मारकंडे व सास यशोदा मारकंडे को गिरफ्तार कर न्यायालय मे पेश किया।
जहां से उन्हे जेल भेज दिया गया। इस अंधे कत्ल की गुत्थी को थाना प्रभारी संतोष सिंग ने गरियाबंद एसपी एमआर आहिरे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नेहा पांडेय एवं एसडीओपी संजय धु्रव के निर्देशन में 24 घंटे के अंदर सुलझा लिया। इस प्रकरण को सुलझाने मे पुलिस थाना के स्टाप की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
Updated on:
08 Sept 2018 02:02 pm
Published on:
03 Jul 2018 06:13 pm

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