
गाजियाबाद। प्रसिद्ध सिद्धपीठ दूधेश्वरनाथ मठ मंदिर से राजस्थान में बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री (आटा, चावल, चीनी, चाय पत्ती दाल, बिस्कुट, तेल) आदि लेकर ट्रक रवाना किया गया। इस अवसर पर दूधेश्वर पीठाधीश्वर श्री महंत नारायण गिरि महाराज ने बताया कि जल ही जीवन है। यह उक्ति पूर्णतया सत्य है। परंतु जिस प्रकार किसी भी वस्तु की अति या आवश्यकता से अधिक की प्राप्ति हानिकारक है उसी प्रकार जल की अधिकता अर्थात बाढ़ भी प्रकृति का प्रकोप बनकर आती है जो अपने साथ बहुमूल्य संपत्ति संपदा तथा जीवन आदि समेटकर ले जाती है।
70 साल बाद भी नहीं निकला कोई स्थाई हल
जूना अखाड़ा के महामंत्री नारायण गिरी ने सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि भारत देश में हर साल किसी न किसी राज्य में बाढ़ आती रहती है। जिससे देश को करोड़ों रुपयों का अधिभार उठाना पड़ता है। स्वतंत्रता के 70 वर्षों के उपरांत भी हम इस समस्या का कोई स्थाई हल नहीं निकाल सके, जिससे बाढ़ के द्वारा होने वाले नुकसान को अधिक से अधिक नियंत्रित किया जा सके। बाढ़ की रोकथाम सरकार का पूर्ण दायित्व है।
बाढ़ की त्रासदी को कम करने के लिए करने होंगे प्रयास
महंत गिरी के मुताबिक इसे रोकने के लिए निरतंर प्रयास हो रहे हैं। इस दिशा में हमें आंशिक रूप से सफलता भी प्राप्त हुई है फिर भी अभी और भी प्रयास आवश्यक हैं। हमें विश्वास है कि आने वाले वर्षों में हम इन आपदाओं से होने वाले नुकसान को पूर्णत नियंत्रित कर सकेंगे। इसके लिए दीर्घकालीन रणनीति पर अमल करना होगा। महाराज ने बाबा दूधेश्वर के उन सभी भक्तों को सहृदय साधुवाद दिया, जिन्होंने इस विपदा के समय अपना बहुमूल्य योगदान दिया।
ये लोग रहे मौजूद
राजस्थान बाढ़ पीडितों को सामाग्री भेजे जाने के दौरान मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष धर्मपाल गर्ग पूर्व विधायक प्रशांत चौधरी, विजय मित्तल, एस आर सूथार, स्वामी गिरिशानंद गिरि, विजय गिरि, विजय सिंघल, शंकर झा, बब्बू शर्मा आदि सैकड़ों भक्त उपस्थित रहें।
Published on:
11 Aug 2017 08:17 pm
बड़ी खबरें
View Allगाज़ियाबाद
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
