
Ground Water : गाजियाबाद में पानी के अनियंत्रित दोहन ने खतरे की घंटी बजा दी है। न सिर्फ जमीन की सतह का पानी, बल्कि जमीन से नीचे के पानी का दोहन खतरे के स्तर को पार कर गया है। यह खुलासा भूगर्भ जल विभाग की रिपोर्ट में हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक शहरी क्षेत्र में जलस्तर हर साल 1 मीटर नीचे गिर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक 2016 तक भूगर्भ जलस्तर 24.9 मीटर पर था वह 2022 में गिरकर 31 मीटर पर पहुंच गया। यानी 6 साल में भूगर्भ जल स्तर 6 मीटर से भी अधिक गिर गया। जिले के चारों ब्लाकों में भूगर्भ जल को लेकर स्थिति काफी चिंताजनक है।
प्रमुख सचिव ने वीडियो काफ्रेंसिंग में जताई चिंता
प्रमुख सचिव ने प्रदेश के सभी जिलों में भूगर्भ जलस्तर गिरने पर चिंता जताई। प्रदेश के जिलों के अधिकारियों के साथ हुई वीडियो काफ्रेंसिग में बुंदेलखंड के पांच जिलों और पश्चिम यूपी के गाजियाबाद में तेजी से गिरते भू जलस्तर को रोकने के लिए ठोस उपायों पर बल दिया गया। बुंदेलखंड के जिन पांच जिलों में भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है उनमें महोबा, ललितपुर, झांसी, बांदा और हमीरपुर शामिल हैं।
गाजियाबाद में भूगर्भ जल की स्थिति
ब्लाक -----------------------वर्ष 2016 --------------वर्ष 2022 (भूगर्भ जल स्तर मीटर में)
रजापुर -----------------------17 ---------------------13.7
भोजपुर -----------------------7.5 ---------------------9.9
मुरादनगर --------------------6.9 ---------------------5.5
लोनी ------------------------18.6 --------------------24.1
गाजियाबाद शहर ------------24.9 ---------------------31
देखा जाए तो सबसे भूगर्भ जल स्तर की सबसे खराब स्थिति शहरी क्षेत्र में हैं। गाजियाबाद शहरी क्षेत्र में 2016 में भूगर्भ जल स्तर 24.9 था जो 2022 में 31 मीटर पर पहुच गया। यानी हर साल एक मीटर जल स्तर गिर रहा है। इसके बाद लोनी की स्थिति खराब है। लोनी में भी इन छह सालों में भूगर्भ जल स्तर 6 मीटर के लगभग गिरा है। मुरादनगर और रजापुर ब्लाक में स्थिति कुछ सुधरी हुई है। भूगर्भ जल के अतिदोहित क्षेत्र में गाजियाबाद का शहरी क्षेत्र, लोनी और भोजपुर ब्लाक हैं।
Published on:
20 Jun 2023 02:34 pm

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