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आज ही खरीद ले कपड़े नहीं तो जीएसटी के कारण इतने दिनों तक बंद रहेंगी दुकान

जीएसटी को लेकर व्यापारियों के बीच आक्रोश

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Rajkumar Pal

Jun 29, 2017

clothes shop

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गाजियाबाद। एक जुलाई से देशभर में लागू होने वाले जीएसटी को लेकर व्यापारियों ने गुस्सा जाहिर करना शुरू कर दिया है। गुरुवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने एक पेस कॉफ्रेंस करके अपनी नाराजगी जाहिर की तो अन्य व्यापारिक संगठनों ने भी विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए बाजार बंद की घोषणा की। शुक्रवार को देशभर में जीएसटी के विरोध में व्यापारियों के आहवान पर देशव्यापी बंद रहेगा। जबकि कपड़ा व्यापारी तीन दिन तक अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखकर नाराजगी जाहिर करेंगे।

उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष सुभाष छाबड़ा के मुताबिक केन्द्र सरकार की तरफ से जीएसटी को लोगों पर थोपा जा रहा है। व्यापक स्तर पर इसमें सुधार की जरूरत है। मोदी सरकार की तरफ से देश के भामाशाहों को कारागार की व्यवस्था की जा रही है। आज भी देश में सत्तर फीसदी व्यापारी अनपढ़ हैं और ऑनलाइन के काम से दूर हैं। ऐसे में उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था रहनी चाहिए।

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व्यापारी नेता मनवीर नागर का दावा है कि एक महीने में तीन नक्शे देना सरलीकरण नहीं है। ये तो व्यापारियों के लिए मुश्किल खड़ा करने वाला कानून है। तीन महीने में एक बार फोरम खरीदकर ब्रिकी का ब्यौरा दिए जाना चाहिए।

संयुक्त व्यापार मंडल जिला अध्यक्ष संदीप बंसल का कहना है कि जीएसटी के नाम पर लोगों के बीच में मकड़ जाल की स्थिति बन गई है। सरकार को इसे धीरे धीरे अमल में लाना चाहिए। अगर निर्माता और थोक व्यापारी बिल में जीएसटी लगाकर कर वसूल करता है और सरकारी खजाने में जमा नहीं करता है। तो इसमें क्रेता व्यापारी की क्या जिम्मेदारी है। देशभर में इसके खिलाफ बंद का आयोजन किया जा रहा है। सभी व्यापारी खुले तौर पर इसका विरोध करेंगे।