
कांवड़ यात्रा जो बनी मिसाल, मुरादनगर गंग नहर से गंगा जल भरकर पावन चिंतन धारा आश्रम किया जलाभिषेक
श्रावण माह की शिवरात्रि पर ग़ाज़ियाबाद के हिसाली गांव स्थित पावन चिंतन आश्रम द्वारा विशाल कांवड़ यात्रा का आयोजन हुआ। जिसमें आश्रम से सुबह सैकड़ों शिवभक्त अनुशासित व्यवस्था में शिव नाम जपते हुए मुरादनगर गंग नहर पदयात्रा करते हुए पहुंचे। इसके बाद शिवभक्तों ने वहां गंगा आरती की। इसके बाद गंगाजल भरकर वापस आश्रम आकर मुख्य शिवक्षेत्र में स्थित सिद्ध शिवलिंग पर पंचाक्षरी मंत्र के साथ जलाभिषेक किया। ज्ञात हो कि पावन चिंतन धारा आश्रम में परमपूज्य प्रो. पवन सिन्हा के मार्गदर्शन में पिछले 4 दिनों से महामृत्युंजय मंत्र जप का अनुष्ठान हो रहा था। जिसकी पूर्णाहुति शिवरात्रि पर हुई।
आश्रम की ओर से इस कांवड़ यात्रा में हिसाली गांव, धेधा गांव, मुरादनगर कस्बा व जीटी रोड पर आते और जाते हुए आश्रम साधकों द्वारा धरासेवा-शिवसेवा कैंपेन के अंतर्गत तुलसी के लगभग 350 पौधे वितरित किए गए। तथा निरंतर कांवड़ियों की सेवा में लगे पुलिस वालों को साधुवाद देते प्रभु का प्रसाद भेंट किया। आश्रम में प्रदोष काल में जलार्पण हुआ। इसके बाद भजनों पर भगवान शिव की दिव्य आरती हुई। इस दिव्य अनुष्ठान में देश के कई राज्यों से आये साधकों को संबोधित करते हुए प्रो. पवन सिन्हा ने कहा कि भगवान शिव को हम आज हम जिस रूप में चित्रों में देखते हैं, वो वैसे बिल्कुल भी हैं ही नहीं। उन्होंने कभी कोई नशा नहीं किया।
वे योगी शिव हैं जिन्होंने हमें योग दिया। भगवान शिव योग के जनक हैं। हमें अपनी संस्कृति को जानने व समझने की आवश्यकता है तभी हम अपनी संस्कृति को सही रूप में आने वाली तक पहुंचा सकते हैं। इस अनुष्ठान में भाजपा नेता कपिल मिश्रा परिवार सहित एवं गुरु माँ डॉ. कविता अस्थाना, हिसाली ग्राम प्रधान राहुल सेन, धेधा ग्राम प्रधान किशोर सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
Published on:
16 Jul 2023 09:19 pm

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