
गाजियाबाद. एक महिला की अक्टूबर 2017 में मौत हो गई थी। मृतका के शव को कब्र में दफना दिया गया था। दरअसल में महिला के मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया और ससुरालवालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस को महिला के शव की तलाश है। पुलिस और परिजन पिछले कई दिनों से कब्रिस्तान में जाकर कब्र की तलाश में जुटे है। हालांकि अभी महिला की कब्र की पहचान नहीं हो पाई है।
यह है पूरा मामला
मेरठ की रहने वाली गुलशन की शादी करीब 18 साल पहले नोएडा फेस-2 में रहने वाले शख्स के साथ हुई थी। अक्टूबर 2017 में गुलशन की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। आरोप है कि ससुराल वालों ने गाजियाबाद के मसूरी स्थित कब्रिस्तान में गुलशन का अंतिम संस्कार करते हुए उसकी लाश को मुस्लिम रीति रिवाज से दफना दिया था। अंतिम संस्कार के दौरान परिजन मौके पर नहीं पहुंच पाए। बताया गया है कि महिला के परिजनों को आाने मेंं थोड़ी देरी हो गई थी।
परिजनों का आरोप था कि गुलशन की मौत कोई नेचुरल डेथ नहीं हुई थी। उसे जहर देकर मारा गया है। उसके बाद में FIR भी दर्ज कराई गई। 2 माह तक मामला उलझा रहा। एफआईआर दर्ज होने के बाद में पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराना चाहती है। ताकि सबूत इक्टठा किया जाए। प्रशासन से अनुमत्ति मिलने के बाद में परिजन, पुलिस और प्रशासन के अफसर गुलशन की कब्र की तलाश में लगे हुए है। लेकिन यह नहीं पता चल पाया कि गुलशन की कब्र कौन सी है। टीम वापस लौट गई। मंगलवार को एक बार फिर मसूरी इलाके के कब्रिस्तान में प्रशासन की टीम और पुलिस के साथ परिजन पहुंचे। लेकिन फिर कब्र की पहचान नहीं हो पाई। ऐसे में एक बार फिर सभी को वापस लौटना पड़ा।
महिला की मौत के बाद में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। उस दौरान महिला के मायकेपक्ष के लोग भी मौजूद नहीं थे। महिला की कब्र की तलाश करने में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को दिक्कतें उठानी पड़ रही है। माना जा रहा है कि महिला की कब्र को तलाशना आसान नहीं है। कब्र से शव को निकालकर पोस्टमार्टम करना पुलिस के लिए आसान नहीं होगा।
Published on:
28 Mar 2018 03:02 pm

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