
गोंडा में निषाद कारोबारी की हत्या पर भाई का गुस्सा (X @AtulMaura0 photo)
Gonda Murder Case: गोंडा में निषाद समुदाय के बर्तन कारोबारी विनोद साहनी की हत्या के बाद मामला गरमा गया है। हत्या से नाराज परिवार ने पुलिस और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। मृतक के भाई विनय साहनी ने आरोप लगाया कि उनके भाई को पहले से धमकियां मिल रही थीं, लेकिन शिकायत के बावजूद समय रहते कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि भाजपा में ही भाजपा का नहीं सुना जा रहा है। उन्होंने कहा कि जात का फर्क है, हम मछुआरे हैं। मामले को लेकर कैबिनेट मंत्री संजय निषाद भी समर्थकों के साथ धरने पर बैठे और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
मामला परसपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर धनोवा गांव का है। 9 सितंबर को विनोद साहनी (45) अपनी बर्तन की दुकान बंद करके घर लौट रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए लखनऊ के केजीएमयू में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। विनोद के भाई विनय साहनी का दावा है कि उनके भाई को पहले से धमकियां मिल रही थीं। परिवार ने इसकी जानकारी पुलिस को दी थी। विनय का आरोप है कि अगर पुलिस ने समय रहते मामले को गंभीरता से लिया होता तो शायद उनके भाई की जान बच सकती थी।
उन्होंने कहा कि विनोद मछुआरों और निषाद समाज के अधिकारों की आवाज उठाते थे। इसी वजह से कुछ लोगों में उनसे नाराजगी थी। परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद कैबिनेट मंत्री संजय निषाद पीड़ित परिवार के समर्थन में धरने पर बैठ गए। इससे पहले वह सर्किट हाउस पहुंचे, जहां भारी पुलिस फोर्स की तैनाती देखकर उन्होंने डीएम और एसपी को फटकार लगाई। मंत्री ने सवाल किया कि पीड़ित परिवार और उनके समर्थन में खड़े लोगों के बीच इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल क्यों लगाया गया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकार की छवि खराब नहीं होनी चाहिए और पुलिस को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि पीड़ित परिवार के साथ खड़े लोगों को रोका न जाए।
धरने के दौरान उन्होंने सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, NSA और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की। साथ ही पुलिस की लापरवाही की जांच की मांग भी उठाई।
संजय निषाद ने पीड़ित परिवार की सुरक्षा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक सभी अपराधियों को सजा नहीं मिलती, उन्हें संतुष्टि नहीं होगी। उन्होंने कहा कि विनोद साहनी सिर्फ एक कार्यकर्ता नहीं थे, बल्कि निषाद समाज और मछुआरों के अधिकारों की आवाज मजबूती से उठाते थे। मंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी टिप्पणी से नाराज होकर किसी को कानून हाथ में लेकर हत्या करने का अधिकार नहीं मिल जाता। विवाद होने पर पुलिस और कानून की मदद लेनी चाहिए।
धरने के दौरान जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन भी मौके पर पहुंचीं और मंत्री संजय निषाद के सामने जमीन पर बैठीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत दोषियों के खिलाफ अधिकतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पीड़ित परिवार को शासन और प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
पुलिस ने घटना के बाद तीन नामजद और 5-7 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस के मुताबिक, अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि, मंत्री संजय निषाद ने साफ कहा कि किसी भी आपत्तिजनक टिप्पणी का जवाब हिंसा या हत्या नहीं हो सकता। कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। घटना में पुलिस की लापरवाही के आरोप भी लगे। इसके बाद थानाध्यक्ष और चौकी प्रभारी को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
Updated on:
12 Sept 2026 01:50 pm
Published on:
12 Sept 2026 01:49 pm
