
प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर
बीजेपी के विभाजन विभीषिका कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने जहां कार्यक्रम को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा किया। पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा वही देश के विभाजन को लेकर दो नेताओं को जिम्मेदार ठहराया। उनका नाम भी लिया।
यूपी के गोंडा जिले में आयोजित विभाजन विभीषिका कार्यक्रम में पहुंचे प्रदेश सरकार कर मंत्री अनिल राजभर ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि 2 वर्ष पहले प्रधानमंत्री ने कहा था कि विभाजन की विभीषिका को पूरे देश को जानना चाहिए। ताकि हमारी भाभी पीढ़ी भी इससे परिचित हो सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर पूरे देश में कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। ताकि उस दौर में लोगों ने इसका दंश कैसे झेला है। यह देश के सामने आना चाहिए। आज का कार्यक्रम बहुत सार्थक है। इसको भव्यता देने की जरूरत है। पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि जवाहरलाल नेहरू और जिन्ना की जिद ने भारत का विभाजन कराया। अपनी महत्वाकांक्षा और प्रधानमंत्री बनने के लिए इन दोनों नेताओं ने जिद किया। विभाजन के दौरान 10 लाख लोगों की जान गई है। यह बड़ा मानवीय विस्थापन हुआ। उन्होंने कांग्रेस पूरी पार्टी पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि जब कश्मीर के अंदर तिरंगा यात्रा को तमाशा बताने वाले फारूक अब्दुल्ला बयान देते हैं। कांग्रेस और उनके मित्र ऐसे कार्यक्रमों पर टिप्पणी करते हैं। तब हमें लगता है, कि भारत के विभाजन के विचार अब भी जिंदा है। यदि ऐसे विचार देश में रहेंगे तो देश को फिर से खतरा उत्पन्न हो सकता है, और इसका विभाजन फिर हो सकता है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के कूटनीति की जो क्रूरता है। यह उसका परिणाम है। कहां कि देश के अंदर तुष्टिकरण की राजनीति भी इसके लिए जिम्मेदार है। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि जिन्ना और जवाहर की जिद ने भारत मां के दो टुकड़े कर दिया। राहुल गांधी के उसे बयान पर पलटवार करते हुए मंत्री ने कहा जिसमें राहुल ने कहा था कि बीजेपी के बड़े नेता जिन्ना की समाज पर माथा टेकते हैं। उन्हें स्वतंत्रता दिवस पर देश की जनता से माफी मांगना चाहिए। इस पर उन्होंने कहा कि विभाजन के विभीषिका कार्यक्रम को आप ऐसी घटनाओं से जोड़कर आप उसकी सार्थकता पर प्रश्न नहीं खड़ा कर सकते है। कहा कि राहुल गांधी इस तरह के प्रश्न करके देश को फिर से गुमराह नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि उनके चरित्र और व्यवहार को भारत के संसद के माध्यम से पूरा देश देख रहा है। उस समय जो लोग सब कुछ छोड़कर अपना समझ कर भारत आए थे। कांग्रेस के कार्यकाल में कानून बनाकर उन्हें नागरिकता नहीं दी गई। उनको भारतीय होने का अधिकार पिछली सरकारों ने नहीं दिया। यह अधिकार उन्हें बीजेपी सरकार ने दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से हम यह कहना चाहते हैं, कि जब देश का सवाल आए, तो थोड़ा संकीर्णता से बाहर निकलना चाहिए। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोगों की प्राथमिकता आज भी देश और देशवासी नहीं है। बल्कि उनकी उनके लोगों की प्राथमिकता सत्ता है।
Published on:
14 Aug 2023 05:31 pm

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