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यूपी के कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या की बढ़ीं मुश्किलें, कोर्ट से 5 लाख का नोटिस

मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या के लेटर पैड पर बेकसूर युवक को फंसाने के मामले में न्यायालय ने मंत्री समेत छह लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किया है।

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minister swami prasad maurya

गोण्डा. यूपी के कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या के लेटर पैड पर बेकसूर युवक को फंसाने के मामले में न्यायालय ने मंत्री समेत छह लोगों के खिलाफ पांच लाख रुपए का नोटिस जारी किया है। साथ ही न्यायालय ने निर्देश देते हुए यह भी कहा है कि अगर समयानुसार सार्थक जवाबदेही न हुई तो वह उक्त सन्दर्भ में क्षति पूर्ति के साथ-साथ अपराधिक मामला भी दर्ज किया जायेगा।

वजीरगंज थाना क्षेत्र में दो पक्षों के आपसी रंजिश मामले में एक पक्ष ने यूपी सरकार में मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या के लेटर पैड पर दूसरे पक्ष के युवक के खिलाफ उपजिलाधिकारी तरबगंज को पत्र लिखा है। पत्र में युवक पर दंडवत कार्यवाही करने का फरमान जारी किया गया है। डरे सहमे युवक ने मामले में अदालत की शरण ली है।

प्रकरण की बात करें तो चर्चा के मुताबिक, स्थानीय थाने के ग्राम उदयपुरग्रंट निवासी राम सिंह मौर्य पुत्र बैजनाथ मौर्य ने दिनांक 20 नवंबर 2017 को उदयपुर ग्रन्ट निवासी जानकी प्रसाद पुत्र स्व. बाले को जालसाजी के तहत फंसाते हुए कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या को प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया कि उसके जोतिहर भूमि खाता संख्या 457,1419, 214 फ के गाटा संख्या 979,1.2450, .980, 0.10860 के भूमि को फर्जी तरीके से बंधक बनाकर गांव के सुग्रीव के साथ मिलकर जानकी प्रसाद ने बैंक शाखा इलाहाबाद तुर्काडीहा से 4 लाख रुपयों का फर्जी लोन करवाया है। उसने उक्त प्रार्थना पत्र मे कहा है कि प्रकरण को जब तहसील सम्बंधित अधिकारियों को अवगत करवाया तो नायब तहसीलदार बेलसर के आदेश पर आरोपियों का नाम काटकर पुनः मेरा नाम दर्ज किया गया। बताते चलें कि उक्त प्रकरण को लेकर भाजपा के कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या के सरकारी पैड के पत्रांक संख्या नंबर 6433 पर दिनांक 20 नवंबर 2017 को बिना सच्चाई जाने ही तत्कालीन उपजिलाधिकारी को यह निर्देश जारी किया गया गया कि जांच करने के साथ ही दोषी पर सख्त दंडात्मक कार्यवाही किया जाए।

पीड़ित ने खटखटाया अदालत का दरवाजा
जालसाजी के तहत फंसता देख बेकसूर पीड़ित जानकी प्रसाद पुत्र बल्ले ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए यह दर्शाया कि गांव के ही काशीराम पुत्र गोबिंदे जो कि खुद को भाजपा का सशक्त भाजपा नेता मानता है। उसके पिता व मेरे बीच काफी दिनों से जमीनी रंजिश चली आ रही है। जो न्यायालय मे लंबित है, इसी को लेकर विपक्षीगण ने गांव के ही राम सिंह मौर्य पुत्र बैजनाथ, श्रीराम मौर्य पुत्र गोबिंद व नंदलाल मौर्य पुत्र शंकर मौर्य से मिलकर साजिश के तहत सुग्रीव के साथ मुझे नाजायज तरीके से फसाने की पूर्ण कोशिश की है, जबकि सुग्रीव मौर्य के उक्त लोन के प्रकरण से मेरा कोई लेना देना नहीं है, और न ही किसी बैंक में इस सन्दर्भ में मेरा कहीं हस्ताक्षर है। बावजूद इसके उक्त लोगों ने षड्यंत्र के तहत भाजपा कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या से मिलकर उनके द्वारा सरकारी पैड संख्या नंबर 6433 पर उपजिलाधिकारी तरबगंज को मेरे खिलाफ दंडनीय कार्यवाही करने का फरमान जारी करवाया है। जिससे उक्त गरिमामयी पद का खुलेआम दुरुपयोग हुआ है।

कैबिनेट मंत्री के पैड पर टिकी लोगों की निगाहें
भाजपा के गरिमामयी पद पर आसीन कैबिनेट मंत्री द्वारा उपजिलाधिकारी को दिए इस तरह एक तरफा आदेश से जहां लोग आश्चर्य चकित हैं, वहीं आदेश को लेकर क्षेत्र के लोगों में तमाम अटकलें लगाई जा रही हैं। बहरहाल पीड़ित जानकी प्रसाद ने न्यायालय द्वारा कैबिनेट मंत्री समेत कांशीराम, राम सिंह, बैजनाथ, श्रीराम, व नंदलाल पर मानहानि का दावा दायर करते हुए जवाबदेही के साथ 5 लाख रुपयों का नोटिस जारी करवाया है। साथ ही न्यायालय द्वारा यह भी निर्देश दिया गया है कि अगर समयानुसार सार्थक जवाबदेही न हुआ तो वह उक्त सन्दर्भ में क्षति पूर्ति के साथ साथ अपराधिक मामले को को भी दर्ज करने के लिए बाध्य होंगे।