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सीएम योगी को महाराज जी कहने वाले अमनमणि त्रिपाठी को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत, आया यह निर्णय

सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज की सीबीआई की याचिका, विधायक पर लगा है पत्नी की हत्या का आरोप

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Ammanani Tripathy

Ammanani Tripathy

गोरखपुर. बाहुबली अमरमणि त्रिपाठी के बेटे अमनमणि त्रिपाठी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गयी है। सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई की अमनमणि त्रिपाठी की जमानत रद्द करने की मांग खारिज कर दी है। अमनमणि त्रिपाठी पर अपनी पत्नी की हत्या का आरोप लगा है। अमनमणि त्रिपाठी को हाईकोर्ट से जमानत मिली हुई थी जिसे रद्द कराने के लिए ही सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी जो अब खारिज हो गयी है, जिसके चलते अमनमणि त्रिपाठी को बड़ी राहत मिल गयी है।
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महाराजगंज के नौतनवा जिले से निर्दल विधायक अमनमणि त्रिपाठी पर अपनी पत्नी सारा की हत्या का आरोप लगा है। मधुमिता हत्याकांड में सजा काट रहे बाहुबली नेता अमरमणि त्रिपाठी के बेटे अमनमणि त्रिपाठी की पत्नी सारा की मौत 9जुलाई 2015 को हुई थी। पहले तो मौत का कारण सड़क दुर्घटना बताया गया था लेकिन बाद में सारा की मां ने अमनमणि त्रिपाठी पर हत्या करने का आरोप लगाया है इस हत्याकांड को लेकर जमकर सियासत हुई थी और बाद में प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की संस्तुति की गयी थी। सीबीआई ने अमनमणि त्रिपाठी को पत्नी की हत्या के आरोप में जेल भेजा था और जेल में ही रहते हुए ही अमनमणि त्रिपाठी नेनौतनवा से निर्दल ही चुनाव जीता है। सीएम योगी आदित्यनाथ से अमनमणि त्रिपाठी की नजदीकी किसी से छिपी नहीं है। कुछ माह पहले एक कार्यक्रम में अमनमणि त्रिपाठी ने सीएम योगी के साथ मंच साझा किया था और पैर छू कर बकायदे सीएम योगी से आशीवार्द लिया था जिसको लेकर काफी हंगामा मचा था।
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मीडिया के सामने अमनमणि त्रिपाठी ने कहा था महाराज जी के कहने पर दिया वोट
राज्यसभा चुनाव 2018 में मतदान को लेकर अमनमणि त्रिपाठी ने मीडिया में बयान दिया था उन्होंने कहा था कि महाराज जी (सीएम योगी आदित्यनाथ) के कहने पर ही राज्यसभा में वोट दिया है। अमनमणि त्रिपाठी के पिता अमरमणि त्रिपाठी को कभी मुलायम सिंह यादव का खास माना जाता था और मुलायम के चलते ही अमनमणि त्रिपाठी ने सपा ज्वाइन की थी। यूपी चुनाव 2017में अखिलेश यादव ने अमनमणि को टिकट भी दिया था लेकिन अमनमणि की सास ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भेंट कर अपनी बेटी के हत्यारोपी को टिकट नहीं देने की मांग की थी जिस पर अखिलेश यादव ने अमनमणि त्रिपाठी को टिकट काट दिया था इसके बाद अमनमणि त्रिपाठी ने निर्दल ही चुनाव जीता है और अब इस निर्दल विधायक की अब बीेजेपी से करीबी किसी से छिपी नहीं है।
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जानिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान किसने क्या कहा
अमनमणि त्रिपाठी की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार सड़क दुर्घटना में पत्नी की मौत हुई है। जश्मदीद गवाह ने बयान दिया है कि कार दुर्घटनाग्रस्त हुई थी जबकि याचिकार्ता ने इसे हत्या बताया है। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट व चश्मदीद के बयान से यह दुर्घटना साबित होता है। कोर्ट में कहा गया कि फोटोग्राफ के आधार पर जमानत रद्द करने की मांग की गयी है जिस किसी एक्सपर्ट से राय ली गयी है कि मृतका के गले पर निशान थे। अमनमणि त्रिपाठी की तरफ से कहा गया कि उनकी सास सीमा सिंह की याचिका को खारिज किया जाना चाहिए। वह आधारहीन है। सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में अमनमणि त्रिपाठी की जमानत रद्द करने की मांग की। सीमा सिंह ने कोर्ट में कहा कि उन्हें अमनमणि त्रिपाठी की तरफ से लगातार धमकी मिल रही है जिसके चलते जमानद रद्द की जानी चाहिए। सभी लोगों की बातों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट को जमानत रद्द कराने का पर्याप्त आधार नहीं मिला है और याचिका को खारिज कर दी गयी।
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