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मनोरमा को अविरल करने की इच्छा अधूरा छोड़ विदा हुए डाॅ.वाईडी सिंह

पूर्वांचल के प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ का दिल का दौरा पड़ने से निधन

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Dr Y D Singh

मनोरमा को अविरल करने की इच्छा अधूरा छोड़ विदा हुए डाॅ.वाईडी सिंह

पूर्व एमएलसी व पूर्वांचल के जाने माने बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ.वाईडी सिंह का शनिवार को तड़के दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। डाॅ.सिंह के निधन की सूचना आम होते ही हर ओर शोक की लहर दौड़ गई, श्रद्धांजलि देने वालों का रेला उनके आवास पर उमड़ पड़ा। डाॅ.सिंह 76 साल के थे। डाॅ.सिंह के निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक संवेदना जताई है।
डाॅ.सिंह बीआरडी मेडिकल काॅलेज से 2004 में प्राचार्य पद से रिटायर हुए थे। बस्ती के मूल निवासी डाॅ.सिंह बीआरडी मेडिकल काॅलेज में बाल रोग विभाग में करीब 14 साल तक विभागाध्यक्ष रहे हैं। वह सेवानिवृत्ति के बाद भी चिकित्सीय सेवा में लगातार रमे रहे। सामाजिक कार्याें में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने वाले डाॅ.सिंह विधान परिषद का सदस्य भी रह चुके हैं। डाॅ. सिंह 2009 लोकसभा चुनाव में बीजेपी के प्रत्याशी के रूप में बस्ती लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी थे लेकिन उनको सफलता नहीं मिली।
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार कई दिनों से उनको हाई बीपी की शिकायत थी। शनिवार की भोर में अचानक दिल का दौरा पड़ा।
बेहद मृदुभाषी व मिलनसार स्वभाव के डाॅ.सिंह अभी भी चिकित्सीय सेवा में रमे रहते थे। शनिवार की सुबह भी उनकी क्लिनिक पर काफी मरीज अलसुबह ही पहुंच गए थे।

सेवा काल से ही सामाजिक कार्याें में दिखाते थे रूचि

डाॅ.वाईडी सिंह पूर्वांचल के जाने माने नाम थे। बीआरडी मेडिकल काॅलेज में बाल रोग विभाग में कार्यरत रहते हुए उन्होंने डिब्बा बंद दूध के खिलाफ अभियान चलाया। अपने हर पर्च पर छह माह की उम्र के बच्चों को मां का दूध अनिवार्य रूप से पिलाने का सुझाव छपवाना/लिखवाना शुरू किया। इसके अलावा शहर के हर सुख-दुःख में वह सक्रिय रूप से देख जाते रहे हैं।

अपनी बेशकीमती जमीन गोसदन के लिए दी थी

पूर्व एमएलसी डाॅ.वाईडी सिंह अभी कुछ ही दिन पहले बस्ती जिले की अपनी तीन एकड़ जमीन को गो सदन के लिए दान में दी थी। कुछ दिन पहले ही उन्होंने इसके लिए भूमिपूजन भी किया था। इस जमीन पर छुट्टा पशुओं के लिए आशियाना बनाया जाना था। इसके अलावा वह मनोरगा नदी की सफाई के लिए अभियान चला रहे थे। इन दोनों कार्याें की विस्तृत कार्ययोजना के साथ वह सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करने की बात कह रहे थे।