
बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर
गोरखपुर. बीआरडी में पिछले दो दिनों में 30 मासूमों की मौत के लिये अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं अस्पताल प्रशासन का दावा है कि ऑक्सीजन की कमी के कारण किसी रोगी की मृत्यु नही हुई है। बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में भर्ती 7 मरीजों की विभिन्न चिकित्सीय कारणों से 11 अगस्त को मृत्यु हुई है। जिलाधिकारी द्वारा इस प्रकरण की जांच के लिए 5 सदस्यीय टीम गठित की गयी है जो 12 अगस्त के पूर्वान्ह तक जांच कर अपनी प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट उपलब्ध करायेंगे।
टीम में अपर आयुक्त प्रशासन, अध्यक्ष, अपर जिलाधिकारी नगर, अपर निदेशक स्वास्थ्य, नगर मजिस्ट्रेट तथा मुख्य चिकित्साधिकारी को सदस्य नामित किया गया है। घटना की जानकारी होते ही जिलाधिकारी ने तत्काल मेडिकल कॉलेज पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया तथा निर्देश दिये कि चिकित्सा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाये।
जिलाधिकारी राजीव रौतेला ने मेडिकल कालेज के निरीक्षण के दौरान बताया कि बाबा राघव दास मेडिकल कालेज में आक्सीजन सिलेण्डर की कमी नही है। मेडिकल कालेज प्रशासन द्वारा बताया गया है कि लगभग 175 आक्सीजन सिलेण्डर उपलब्ध है। आवश्यकतानुसार मरीज को आक्सीजन उपलब्ध हो रहा है। निरीक्षण के दौरान सांसद कमलेश पासवान एंव संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा- एईएस, पोषण और किसी अन्य कारणों से बच्चों की मौत
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 30 मासूमों की मौत पर योगी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि मौत की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, मगर बच्चों की मौत ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई है। सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि गोरखपुर के जिलाधिकारी से जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक एईएस, पोषण और किसी अन्य कारणों से बच्चों की मौत हुई है, जिसकी जांच की जाएगी। मंत्री ने कहा कि मीडिया में जो आंकड़े चल रहे हैं, वह पिछले तीन- चार दिनों के आंकड़े हैं।
बता दें कि गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पिछले दो दिनों में 30 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई है। जिन बच्चों की मौत हुई थी, उनमें से कई बच्चे इंसेफेलाइटिस से भी पीड़ित थे।
Published on:
11 Aug 2017 10:56 pm
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