दो दिनों की झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी से राहत तो मिली है लेकिन उनकी दुश्वारियां भी बढ़ गईं हैं।बुधवार को देर रात से हुई बरसात से गोरखपुर के कई मोहल्ला में बरसात का पानी भर जाने की वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। यह वह मोहल्ले हैं जहां हर बरसात में ऐसे ही दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
GorakhpurNews : जिले में अभी तक भीषण गर्मी और उमस से लोगों का जीना दूभर था, अब बीते 48 घंटे से हो रही बारिश ने शहर वासियों का जीना दूभर कर दिया है। मंगलवार से हो रही मूसलधार बारिश के कारण महानगर में जलभराव हो गया है। दूसरी तरफ बिजली का संकट भी खड़ा होने लगा जिससे। उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा।मंगलवार की रात से शुरू हुई बारिश का सिलसिला गुरुवार तक जारी है। शहर की गलियां, सड़कें पानी से लबालब भरी हैं।
फिर चरमराई पानी निकासी की व्यवस्था
दो दिनों से हो रही बारिश के बाद गोरखपुर में जलनिकासी व्यवस्था चरमरा गई है। कई मोहल्लों में पानी घुस गया है, शहर के निचले इलाकों की स्थिति और भी विकट हो गई है।जिला अस्पताल में पानी भर गया है.इससे मरीजों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है. चिकित्सा सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। सबसे अधिक परेशानी मरीज और उनके परिजनों को हैं। जिला अस्पताल की OPD में दूर-दराज से मरीज अपना इलाज कराने आते हैं, उनको पानी में घुसकर जाना पड़ रहा है । वहीं अब नदियां भी उफनाने लगी हैं। जिले को घेरी हुई राप्ती, रोहिन, घाघरा और आमी नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।
घाघरा, रोहिन, राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा
दो दिनों की झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी से राहत तो मिली है लेकिन उनकी दुश्वारियां भी बढ़ गईं हैं।बुधवार को देर रात से हुई बरसात से गोरखपुर के कई मोहल्ला में बरसात का पानी भर जाने की वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। यह वह मोहल्ले हैं जहां हर बरसात में ऐसे ही दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
निचले इलाकों में 3 से 4 फीट पानी घुसा
शहर के निचले इलाकों गोरखनाथ, रसूलपुर, चकसा हुसैन , आजाद नगर रूस्तमपुर, तारामंडल, देवरिया बाईपास रोड के मोहल्ले में बरसात का पानी लग जाने से लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतें हो रही हैं. गोरखपुर के वार्ड नंबर 74 संत झूलेलाल नगर में बरसात का पानी घरों में घुस गया है। कई लोग दूसरों के घरों में जाकर ठहरे हैं।संत झूलेलाल नगर उर्फ चकसा हुसैन स्थित घरों में 3 से 4 फीट पानी घुस गया है। लोगों का काफी सामान पानी में डूबने की वजह से खराब हो गया है। स्थानीय लोगों की माने तो वार्ड में जल निकासी की सही व्यवस्था ना होने की हर बरसात में दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं।
पंपिंग सेट लगाकर पानी निकालने का निर्देश
गोरखनाथ मंदिर के पीछे रसूलपुर में भी बरसात का पानी जलजमाव में तब्दील हो गया है। आवागमन के लिए लोगों को काफी परेशानी हो रही है। दिग्विजय नाथ नगर के लोगों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी ने गोरखनाथ मंदिर के पास वाले मोहल्ले के नामों को मुख्य नालों से नहीं अटैच किया है इस कारण 50 हजार से अधिक आबादी प्रभावित हो रही है। नगर आयुक्त ने जिस मोहल्ले में पानी लगा है वहां पंपिंग सेट लगाकर पानी निकालने का निर्देश दिया है. गोरखपुर जिला अधिकारी ने संबंधित सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि राजस्व पुलिस और सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम तटबंधों का निरीक्षण करें ताकि किसी भी आपदा से निपटा जा सके।जल जमाव वाली जगहों पर पंपिंग सेट लगाये गये हैं।
सड़कों पर खुद मुस्तैद हैं नगर आयुक्त
बारिश शुरू होते ही नगर निगम के अधिकारियों ने पंपिंग स्टेशन पहुंचना शुरू कर दिया। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल के साथ ही अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्र, निरंकार सिंह ने पंपिंग स्टेशन पर काम कर रहे कर्मचारियों को मुस्तैद रहने को कहा। जलभराव वाले स्थानों पर रात में ही पंपिंग सेट चलाया जाने लगा। नगर आयुक्त ने गोपलापुर, सूरजकुंड, रसूलपुर आदि इलाकों का निरीक्षण कर पानी निकालने की व्यवस्था बनवायी। नगर आयुक्त ने कहा कि नाला सफाई का फायदा मिला है। पानी तेजी से निकल रहा है। पहले से जिन स्थानों को चिह्नित किया गया है वहां पंपिंग सेट चलाए जा रहे हैं।