27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

CM Yogi Birthday: सीएम योगी की ईमानदारी की कहानी, गोरखनाथ मंदिर मेें जब हुआ था 7 हजार का घोटाला तो योगी ने कराए थे 5 हजार वापस

CM Yogi Birthday: CM योगी आदित्यनाथ कानून व्यवस्‍था के अलावा आर्थिक मामलों में बहुत सख्त हैं। ये कोई आज से नहीं ब‌ल्कि, जब साल 1998 में पहली बार सांसद बने तब भी वो अपने हर काम का एक-एक रुपए का हिसाब रखते थे। योगी आदित्यनाथ छोटे से छोटे काम को खुद मॉनिटिरिंग करते हैं। आइए हम आपको योगी आदित्यना‌थ से जुड़ा एक रोचक किस्सा बताते हैं।

2 min read
Google source verification
cm_yogi.jpg

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।

हर छाेटे से बड़े काम की खुद मॉनीटिरिंग करते हैं योगी
5 जून 1972 को उत्तराखंड में हुआ था। 26 साल की उम्र में 1998 में पहली बार गोरखपुर से सांसद बने। भाजपा युवा वाहिनी के देवरिया के जिलाउपाध्यक्ष और गोरखनाथ मंदिर से जुड़े रहे इंद्रहास पांडे बताते हैं कि योगी आदित्यनाथ को भ्रष्टाचार बिल्कुल नहीं पसंद है। वे हर छोटे से छोटे काम की देखरेख खुद करते हैं।

1998 में गोरखनाथ मंदिर में हुआ था घोटाला
इंद्रहास पांडे बताते हैं कि योगी आदित्यनाथ 1998 में पहली बार सांसद बने। तब गोरखनाथ मंदिर में कुछ टाइल्स टूट गए थे। मंदिर के मरम्मत का काम करता था। करीब 25 साल से गोरखनाथ मंदिर में काम करता था। उसे टायल्स के मरम्मत का काम का जिम्मा दिए। काम खत्म करने के उसने 20 हजार का बिल दिया। उसे बिल का भुगतान भी कर दिया गया। इसके बाद योगी आदित्यनाथ खुद काम को देेखने गए। उन्होंने जब देखा तो कहा कि आपने जितने का काम किया उससे 40 से 50% अधिक पैसा लिया।

IMAGE CREDIT: भाजपा युवा वाहिनी के देवरिया के जिला उपाध्यक्ष इंद्रहास पांडे।

योगी ने 5 हजार रुपए कराया था वापस
इंद्रहास पांडे ने आगे बताया कि जब योगी आदित्यानाथ ने जब टाइल्स को दोबारा हटवाकर काम देखा तो भ्रष्टाचार का पता चला। इसके बाद टाइल्स के मरम्मत का काम करने वाले ने स्वीकार किया कि 13 हजार ही खर्च हुए। 7 हजार रुपए ‌अधिक लिया है। इसके बाद दो हजार मजदूरी का पैसा काटकर 5 हजार रुपए वापस किया।

सांसद थे तो विकास कार्य में एक भी रुपए कमीशन नहीं लेते थे योगी
इसी तरह इंद्रहास पांडे ने बताया कि योगी आदित्यना‌थ सांसद थे तो क्षेत्र में भी विकास काम कराते थे, उसमें से एक भी रुपए कमीशन नहीं लेते थे। योगी आदित्यनाथ अपने काम के प्रति बहुत ईमानदार और कानून के अनुसार करने वाले हैं।

जेल से आने के बाद समर्थकों पर नाराज हो गए थे योगी
इंद्रहास पांडे बताते हैं कि साल 2007 योगी आदित्यनाथ को गोरखपुर में पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल में डाल दिया था। योगी आदित्यनाथ भाजपा के सांसद थे। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा था कि कानून को अपना काम करने दीज‌िए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कोई प्रदर्शन नहीं किया था, लेकिन हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता भड़क गए थे ट्रेन तक जला दिया था । हिंदू युवा वाहिनी को धरना प्रदर्शन करता देख भाजपाई भी शामिल हो गए थे। जेल से आने के बाद योगी हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं को बहुत फटकार लगाई थी। दोबारा ऐसा नहीं करने की हिदायत दी।