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यूपी के सरकारी स्कूलों में नए शिक्षकों की खेप, मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र दे शपथ दिलार्इ

गोरखपुर में एक समारोह में शिक्षकों को दिया गया नियुक्ति पत्र
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गोरखपुर

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Dheerendra Vikramadittya

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Updated: 2 May 2018, 6:02 AM IST

teachers taking oath

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 854 बीटीसी व टी.ई.टी. उत्तीर्ण प्रशिक्षार्थियों को परिषदीय प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक पद का नियुक्ति पत्र वितरित किया। उन्होंने नवनियुक्त शिक्षकों को कर्तव्य परायणता तथा स्वच्छता मिशन की शपथ भी दिलाया।
पंडित दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर के दीक्षा भवन में आयोजित समारोह में उन्होंने महराजगंज के 97, देवरिया के 292, कुशीनगर के 90, बस्ती के 215, सिद्धार्थनगर के 52, बहराइच के 40, अम्बेडकरनगर के 18 तथा सुल्तानपुर के 50 प्रशिक्षार्थियों को नियुक्ति पत्र दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्चतम न्यायालय एवम् उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी 12460 प्रशिक्षार्थी अध्यापक पद के लिए संघर्षरत थे। बेसिक शिक्षा मंत्री की उपस्थिति में उनके प्रतिनिधि मण्डल से वार्ता हुई और इनकी दक्षता और योग्यता को ध्यान में रखते हुए इन्हें नियुक्ति देने का निर्णय लिया गया। हमने इनको नियुक्ति पत्र इसलिए दिया कि ये योग्य थे और हमें योग्य शिक्षक की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि अब सहायक अध्यापक पद प्राप्त करके इन्हें अवसर मिल रहा है कि ये अपनी योग्यता साबित करें। भारत सरकार ने पूरे देश में 115 जिले अति पिछड़े चिन्हित किया है जिसमें 08 जिले उत्तर प्रदेश के है। इन्हें वहां तैनाती दी जायेगी ताकि यह अपनी प्रतिभा और उर्जा से वहां के स्कूलों और छात्र-छात्राओं का भविष्य उज्जवल कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी नवनियुक्त शिक्षक संकल्प लें कि वे राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत शिक्षा नौनिहालों को देंगे। किताबी ज्ञान के अलावा उन्हें नैतिक शिक्षा भी देंगे। अतिरिक्त समय में निरक्षरों में साक्षरता का प्रसार करेंगे। स्कूली शिक्षा के दौरान उन्हें जो संस्कार मिले है उसे वे नौनिहालों तक पहुंचायेंगे।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों की दशा बेहद खराब थी। बच्चे स्कूल तो आते थे परन्तु अध्यापक नही। मैने स्वयं कई जगह स्कूलों में बच्चों को बाहर खेलते और अध्यापिका को स्वेटर बुनते देखा। सरकार बनने के बाद हमने स्कूल चलो अभियान संचालित किया और वर्ष 2017 में 1 करोड़ 54 लाख बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिलाया। वर्ष 2018 में यह संख्या बढ़कर 1 करोड़ 64 लाख होगी।
उन्होंने कहा कि हमने सांसद, विधायक, अधिकारी, उद्योगपति, व्यापारी और समाज के श्रेष्ठ जनों से अपील किया और उन्होंने प्राइमरी स्कूल गोद लिया। इस प्रकार हमने एक वर्ष में 2500 स्कूलों को आदर्श विद्यालय बनाया। नवनियुक्त अध्यापक इससे प्रेरणा लेकर अपने स्कूलों को आदर्श विद्यालय बनायें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 27 मई से प्रदेश में 68500 सहायक अध्यापक भर्ती के लिए परीक्षा शुरू होगी।
उन्होंने महराजगंज के बृजेश, देवरिया के उमेश सिंह, सोनम, निकिता सिंह, कुशीनगर के उपासना पाण्डेय, संजय शुक्ला, बृजेश राय, बस्ती के नेहनीता और दीपक त्रिपाठी, सिद्धार्थनगर से प्रियंका, दीपशिखा, मन्नान, बहराइच से प्रतिभा सिंह, खुशबू सिंह, अम्बेडकरनगर से अलका सिंह, आफरीन, सुल्तानपुर से मिथिलेश, त्रिवेन्द्र सिंह, अवध राय को नियुक्ति पत्र दिया। शेष को बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा नियुक्ति पत्र दिया गया।
प्रदेश की बेसिक शिक्षा, बाल विकास पुष्टाहार, राजस्व एवम् वित राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार अनुपमा जायसवाल ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता है। नवनियुक्त सभी शिक्षक संकल्पबद्ध होकर कार्य करें ताकि नई पीढ़ी को बेहतर शिक्षा मिले। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन, पद, सत्ता, प्रतिष्ठा नही चाहिए बल्कि वे चाहते हैं कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो तथा प्रदेश का समुचित विकास हो सके।
पूर्व में मुख्यमंत्री व अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प चढ़ाकर दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारम्भ किया। धन्यवाद ज्ञापन बेसिक शिक्षा निदेशक सर्वेन्द्र विक्रम सिंह ने किया।
इस अवसर पर महापौर सीता राम जायसवाल, विधायक राधामोहन दास अग्रवाल, विपिन सिंह, शीतल पाण्डेय, कृषि उत्पादन आयुक्त राज प्रताप सिंह, मण्डलायुक्त अनिल कुमार, कामेश्वर सिंह, उपेन्द्र शुक्ल, धर्मेन्द्र सिंह, जनार्दन तिवारी, सत्येन्द्र सिन्हा, जिलाधिकारी के. विजयेन्द्र पाण्डियन आदि मौजूद रहे।

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