
सोमवार की सुबह ही गोरखपुर में ED की ताबड़तोड़ छापेमारी से शहर के व्यापारिक घरानों और समाजवादी पार्टी के नेताओं में हड़कंप मच गया। मामला सपा के पूर्व कद्दावर विधायक विनय शंकर तिवारी से जुड़ा है। आज सुबह इनके धर्मशाला आवास एवं अन्य ठिकानों पर ED की छापेमारी से हड़कंप मच गया। मालूम हो कि विनय शंकर के पिता हरिशंकर तिवारी थे जिनका एक वक्त था जब पूर्वांचल में उनका सिक्का चलता था। गोरखपुर में गैंगवॉर की शुरुआत हरिशंकर तिवार और वीरेंद्र शाही के आपसी टकराव से शुरू हुई। यह वह दौर जब गोरखपुर को शिकागो कहा जाने लगा। ताबड़तोड़ गैंगवॉर की गूंज BBC तक पहुंची और इस न्यूज एजेंसी ने गोरखपुर को शिकागो बना दिया।
सपा नेता व पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी के कई ठिकानों पर ED की रेड पड़ी है। अलग-अलग बैंकों गोरखपुर में 754 करोड़ रुपए हड़पने के मामले में यह कार्रवाई हो रही है। ED ने विनय शंकर तिवारी की कम्पनी गंगोत्री इंटरप्राइजेज के लखनऊ, नोएडा, गोरखपुर, मुम्बई व दिल्ली के 11 ठिकानों पर सोमवार सुबह छापा मारा। बीते वर्ष ED ने विनय शंकर तिवारी की कंपनी गंगोत्री इंटरप्राइजेज की 30.86 करोड़ रुपए की 12 प्रॉपर्टी अटैच की थी। ED ने अलग-अलग बैंकों के 754 करोड़ रुपए हड़पने के मामले में यह कार्रवाई की थी। इसमें गोरखपुर, लखनऊ और नोएडा की संपत्तियों को जब्त किया गया था।
ED ने इस मामले की मुख्य आरोपी रीता तिवारी और अजीत पांडेय के साथ ही गंगोत्री इंटरप्राइजेज के प्रमोटर्स, डायरेक्टर्स, गारंटर्स और रॉयल एम्पायर मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड और कंदर्प कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के नाम दर्ज संपत्तियों को जब्त किया है। रीता तिवारी पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी की पत्नी हैं।
Updated on:
07 Apr 2025 11:13 am
Published on:
07 Apr 2025 11:04 am
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