
आतिफ गोरखपुर के कूड़ाघाट इलाके में रहते हैं। वो 9 साल के थे तभी हादसे का शिकार हो गए। साल 2002 में उन्हें बिजली का करंट लग गया था। इसकी वजह से उनके कोहनी के नीचे से दोनों हाथ काटने पड़े थे।
12वीं पास करने के बाद टाइपिंग सीखी
हादसे के बाद भी आतिफ ने स्कूल जाना नहीं छोड़ा और पढ़ाई जारी रखी। 12वीं कक्षा पास करने के बाद उन्होंने टाइपिंग सीखी और कंप्यूटर का टेक्निकल कोर्स भी किया।
आतिफ के घर की आर्थिक हालत अच्छी नहीं थी। इस वजह से वो आगे की पढ़ाई नहीं कर सके। आतिफ ने अपने परिवार की मदद करने की ठानी। ऐसे में उन्होंने सरकारी नौकरी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। आतिफ ने बताया कि जब वो किसी से नौकरी मांगने जाते तो लोग उन्हें दया के भाव से देखते थे।
चार साल पहले ऐसी बदली किस्मत
चार साल पहले तत्कालीन डीएम के विजयेन्द्र से आतिफ ने मुलाकात की थी। उस समय विजयेन्द्र ने उनसे पूछा था कि क्या वो ये काम कर पाएंगे? इस पर आतिफ ने कहा “पहले मेरा काम देख लीजिए।”
आतिफ की कंप्यूटर टाइपिंग देखकर सभी हैरान हो गए। उन्होंने अपनी कोहनियों के दम पर फास्ट टाइपिंग करके दिखाया। अपनी मेहनत के दम पर आतिफ ने बीएसए यानी बेसिक शिक्षा अधिकारी ऑफिस में संविदा पर नौकरी पाई है। ऑफिस के लोग उनकी हिम्मत और हौसले की मिसाल देते हैं।
Published on:
04 Dec 2022 08:09 pm
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