
BRD medical College : मेडिकल कालेज कर्मियों की मिलीभगत से ही खून के दलाल कर रहे हैं मजबूरों के खून की दलाली
Gorakhpur News : खून की दलाली करने वाले गिरोह में BRD मेडिकल कालेज के वार्ड ब्वाय भी शामिल हैं। दलालों की गिरफ्तारी के बाद घटना का पर्दाफाश करते समय पुलिस ने यह आशंका व्यक्त की थी, जो जांच में पुष्ट भी होने लगी है। दलाल वसील खान व केशरदेव के मोबाइल फोन में अलग-अलग वार्डों में तैनात पांच वार्ड ब्वाय के नंबर मिले हैं, जो उनके संपर्क में थे। पुलिस इन नंबरों के आधार पर उन्हें ट्रेस करने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा पुलिस ने BRD मेडिकल कालेज प्रशासन से बीते छह माह में खून देने वालों की सूची भी मांगी है।
डोनर को खून का दाम न देने पर हुआ विवाद
रविवार को BRD मेडिकल कालेज में स्थित ब्लड बैंक के पास पुलिस ने दो युवकों को मारपीट करते हुए पकड़ा था। पूछताछ में पता चला कि ये दोनों खून की दलाली करते हैं और मजदूराें को पैसे का लालच देकर उनका खून निकाल लेते हैं। इसके बाद कुछ रुपये देकर मारपीट कर भगा देते हैं। महराजगंज के पनियरा के रहने वाले गोरख चौहान का भी खून इन दोनों ने बीआरडी मेडिकल कालेज के ब्लड बैंक में निकलवाया था और 1100 रुपये देकर भगा दिया था। बाद में ये दोनों निकाले गए खून को छह से सात हजार रुपये में बेच देते थे। इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद से पुलिस ने इनके पास से बरामद मोबाइल फोन का सीडीआर निकलवाया, जिसकी जांच चल रही है। इसी क्रम में पुलिस ने इन दोनों के मोबाइल फोन से बीआरडी मेडिकल कालेज के अलग-अलग वार्डों में तैनात पांच वार्ड ब्वाय के नंबर बरामद किए हैं, जो लगातार दलालों के संपर्क में बने थे।
रजिस्टर में क्यों नहीं मिला ब्लड डोनर का नाम, हो रही जांच
पुलिस की जांच में बीआरडी मेडिकल कालेज के ब्लड बैंक के रजिस्टर में खून देने वाले गोरख का नाम नहीं मिला है। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि यह कैसे हुआ और इसमें किसकी मिलीभगत है। पुलिस का कहना है कि गोरख ने भी बताया था कि बिना नाम गांव पूछे ही उसका खून निकाल लिया गया और बाहर कर दिया गया। पुलिस के अनुसार खून के दलालों ने बीते छह माह में 50 से ज्यादा लोगों का खून ब्लड बैंक में निकलवाया है। इसके बाद वह जरूरतमंद लोगों को महंगे दाम में बेचा है।
तो सीसी कैमरे से खुल सकता है राज
बीआरडी मेडिकल कालेज के ब्लड बैंक की गैलरी में सीसी कैमरा लगा हुआ है। यहां आने-जाने वालों का फुटेज उसमें निश्चित रूप से कैद होगा। ऐसे में अगर सीसी कैमरे की जांच की जाए तो भी गिरोह में शामिल लोगों का राज खुल सकता है। इसके लिए कैमरे का सही दिशा लगा होना और चालू हालत में होना चाहिए। यद्यपि पुलिस ने अभी तक सीसी फुटेज नहीं मांगा है।
SP नॉर्थ
SP नॉर्थ मनोज अवस्थी ने बताया की खून के दलालों के मोबाइल नंबर का सीडीआर निकलवाया गया है। इसमें बीआरडी के कुछ कर्मचारियों का नंबर मिला है। पुलिस उन नंबरों की जांच कर रही है। कन्फर्म होने के बाद उनके ऊपर भी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा ब्लड बैंक में बीते छह माह में खून देने वालों की सूची भी मांगी गई है। मिलने के बाद आगे की जांच होगी।
Published on:
31 Aug 2023 11:09 am
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