बीआरडी मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में हर दिन करीब 3500 लोग आते हैं। इसके अलावा इमरजेंसी में भी करीब 100 मरीज आते हैं। इनमें से 70 से 80 ऐसे होते हैं, जिन्हें एमआरआई कराने की जरूरत होती है। इसी प्रकार 100 से ज्यादा मरीजों को सिटी स्कैन के लिए सलाह दी जाती है।
GorakhpurNews : BRD मेडिकल कॉलेज में एमआरआई जांच करानी है तो छह महीने इंतजार करना पड़ेगा। मरीजों की संख्या बढ़ने से वेटिंग बढ़ गई है। वहीं, सिटी स्कैन बंद है। मशीन के तार को चूहों ने कुतर दिया है। इंतजाम ऐसा है कि बीते 15 दिनों में तार को बदला नहीं जा सका है। मजबूरन मरीज अपने टेस्ट के लिए निजी केंद्रों की ओर जा रहे हैं और अपनी जेब ढीली कर रहे हैं।
MRI के लिए मिल रही 6 महीने की तारीख
एक अनुमान के मुताबिक बीआरडी मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में हर दिन करीब 3500 लोग आते हैं। इसके अलावा इमरजेंसी में भी करीब 100 मरीज आते हैं। इनमें से 70 से 80 ऐसे होते हैं, जिन्हें एमआरआई कराने की जरूरत होती है। इसी प्रकार 100 से ज्यादा मरीजों को सिटी स्कैन के लिए सलाह दी जाती है। इमरजेंसी वार्ड के बगल में स्थित एमआरआई सेंटर पर हर दिन 25 से 30 जांच हो पाती है, जबकि 70-80 मरीज आते हैं। बाकी मरीजों को आगे की तारीख दी जाती है। प्रतीक्षा सूची बढ़ते-बढ़ते इतनी लंबी हो गई है कि अब नए मरीजों को जनवरी की तारीख मिल रही है।
15 दिनों से सीटी स्कैन मशीन खराब
उधर, लापरवाही का ये हाल है कि 15 दिन से खराब सीटी स्कैन को ठीक कराने की किसी को चिंता नहीं है। मशीन के तार को चूहों ने कुतर दिया है। सिटी स्कैन नहीं हो पाने के कारण मरीजों को निजी केंद्रों पर जांच करानी पड़ रही है।
डॉ. गणेश कुमार, प्राचार्य, बीआरडी मेडिकल कॉलेज
सिटी स्कैन मशीन को ठीक कराने का निर्देश दिया गया है। एमआरआई कराने वालों की संख्या अधिक रहती है, इसलिए दिक्कत आती है। अभी बाहर हूं, वापस आने पर इस विषय पर संबंधित विभागाध्यक्ष से और जानकारी लेकर मरीजों की सुविधा के लिए प्रयास किया जाएगा।