
BRD Medical College FIR
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल काॅलेज के पूर्व प्राचार्य डाॅ.राजीव मिश्र को अंतरिम जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने डाॅ.मिश्र की गुहार पर यूपी सरकार को नोटिस जारी करते हुए छह जून को फिर से सुनवाई की तारीख मुकर्रर की है। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान डाॅ.राजीव मिश्र की तरफ से बताया गया था कि वह दस महीने से जेल में बंद हैं जबकि अगस्त माह में जो मौतें हुई वह इंसेफेलाइटिस की वजह से हुई न कि आक्सीजन की कमी से।
जस्टिस एल नागेश्वरराव व जस्टिस एमएम शांतनागुडर की बेंच ने सुनवाई की है।
बीआरडी मेडिकल काॅलेज में अगस्त 2017 में आक्सीजन की आपूर्ति बकाया की वजह से रोके जाने की वजह से तीन दर्जन से अधिक मासूमों की मौत हो गई थी। इतनी बड़ी संख्या में मौतों के बाद पूरे देश में यह मुद्दा छाया रहा। यूपी और केंद्र सरकार लगातार इस मामले में बैकफुट पर होती गई।। पहले तो सरकार ने मामले से इनकार किया लेकिन बाद में बढ़ते जनदबाव के बाद बीआरडी मेडिकल काॅलेज के तत्कालीन प्राचार्य डाॅ.राजीव मिश्र, उनकी पत्नी डाॅ.पूर्णिमा शुक्ला, आक्सीजन सप्लायर मनीष भंडारी, डाॅ.कफिल खान, डाॅ.सतीश कुमार सहित नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया था
तीन लोगों को मिल चुकी है जमानत
आक्सीजन कांड के नौ आरोपियों में आरोपी बनाए गए तीन लोगों डाॅ.कफिल खान, डाॅ.सतीश कुमार व ऑक्सीजन सप्लायर मनीष भंडारी को जमानत मिल चुकी है। ऑक्सीजन सप्लायर मनीष भंडारी को सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। मनीष की जमानत याचिका हाईकोर्ट में खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दी। जबकि इसके बाद डाॅ.कफिल खान को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। कुछ ही दिनों बाद डाॅ.सतीश कुमार की भी जमातन अर्जी मंजूर कर ली गई। जबकि इसी मामले में आरोपी बनाए गए पूर्व प्राचार्य डाॅ.राजीव मिश्र व उनकी पत्नी डाॅ.पूर्णिमा शुक्ला की जमानत याचिका हाईकोर्ट में खारिज हो चुकी है। इसके बाद ये लोग सुप्रीम कोर्ट जा चुके हैं लेकिन वहां भी जमानत नहीं मिली।
Published on:
31 May 2018 01:05 pm

बड़ी खबरें
View Allगोरखपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
